नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) पर सोमवार, 15 जून 2026 को औपचारिक रूप से व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत हो गई। इंडिगो एयरलाइंस की लखनऊ से आई फ्लाइट 6E 2278 की सफल लैंडिंग के साथ एयरपोर्ट पर पैसेंजर सेवाएं शुरू हो गईं।
इसी विमान ने वापसी में करीब 170 यात्रियों, जिनमें लगभग 20 किसान महिलाएं भी शामिल थीं, को लेकर लखनऊ के लिए उड़ान भरी। इसके साथ ही जेवर एयरपोर्ट देश के एविएशन नेटवर्क में औपचारिक रूप से शामिल हो गया है। यह दिल्ली-एनसीआर का तीसरा बड़ा कमर्शियल एयरपोर्ट है, जिससे देश में सक्रिय हवाई अड्डों की संख्या बढ़कर लगभग 165 हो गई है।
2047 के लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम
सरकार की योजना के अनुसार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली-एनसीआर के औद्योगिक और एविएशन हब के रूप में विकसित किया जाएगा। केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर इसे ‘विकसित भारत 2047’ के विजन से जोड़कर आगे बढ़ा रही हैं।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि जो काम पहले असंभव लगता था, वह आज हकीकत बन चुका है। उन्होंने कहा कि 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भारत का एयरपोर्ट नेटवर्क लगातार मजबूत किया जा रहा है।
एयरोट्रोपोलिस मॉडल से मिलेगा औद्योगिक बढ़ावा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को केवल ट्रांजिट हब नहीं, बल्कि एयरोट्रोपोलिस मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
पहले चरण में एयरपोर्ट की वार्षिक क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी, जिसे पूर्ण विकास के बाद 7 करोड़ से अधिक तक बढ़ाने का लक्ष्य है। इसके बाद यह देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी की ओर बढ़ता कदम
अधिकारियों के अनुसार, जब यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होंगी तो दिल्ली उन चुनिंदा वैश्विक शहरों में शामिल हो जाएगा जहां एक से अधिक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट संचालित होते हैं।
NIA के वाइस चेयरमैन क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने कहा कि भारत में एयर ट्रैवल की मांग तेजी से बढ़ रही है और इसका सीधा फायदा नोएडा एयरपोर्ट को मिलेगा। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बेहतर कनेक्टिविटी पर लगातार काम कर रही हैं।
इंडिगो का बड़ा नेटवर्क प्लान
इंडिगो एयरलाइंस ने घोषणा की है कि जल्द ही वह देश के 16 से अधिक गंतव्यों को सीधे नोएडा एयरपोर्ट से जोड़ेगी। इसके साथ छोटे शहरों और बड़े महानगरों के बीच वन-स्टॉप कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
कंपनी ने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों से कनेक्टिविटी बढ़ाकर व्यापार और पर्यटन दोनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
दिसंबर तक 200 से अधिक उड़ानों का लक्ष्य
इंडिगो की योजना के तहत अमृतसर, बरेली, भोपाल, धर्मशाला और देहरादून जैसे शहरों को प्राथमिकता पर जोड़ा जाएगा। इसके अलावा बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों के लिए भी सेवाएं शुरू होंगी।
कंपनी का लक्ष्य है कि दिसंबर 2026 तक नोएडा एयरपोर्ट से 200 से अधिक उड़ानें संचालित की जाएं और आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार भी किया जाए।