अमेरिका-ईरान वार्ता: ट्रंप ने सैन्य हमले फिलहाल टालने का दिया आदेश

वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा अपडेट साझा किया है। ट्रंप के अनुसार, दोनों देशों के बीच सकारात्मक और उत्पादक बातचीत हुई है, जिसके बाद उन्होंने अमेरिकी मिलिट्री को ईरानी पावर प्लांट और ऊर्जा ढांचों पर किसी भी सैन्य हमले को फिलहाल टालने का आदेश दिया।
'दो दिन में सकारात्मक और उत्पादक वार्ता'
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर कहा कि ईरान के साथ पिछले दो दिनों में बेहद सकारात्मक और उत्पादक बातचीत हुई है, जिसका उद्देश्य मध्य पूर्व में जारी टकराव का पूर्ण समाधान निकालना है। उन्होंने बताया कि इस दौर की चर्चाएं पूरे हफ्ते जारी रहेंगी।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी रक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा ढांचे पर सैन्य हमले अभी पांच दिनों तक टाले जाएं।
ट्रंप और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर की बातचीत
इससे पहले, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि ट्रंप और प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने रविवार रात फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पुनः खोलने की जरूरत और वैश्विक शिपिंग बहाल करने पर चर्चा की।
इससे पहले ट्रंप ने 48 घंटे की सख्त चेतावनी ईरान को दी थी। कहा गया था कि अगर जलडमरूमध्य नहीं खोला गया तो ईरान के प्रमुख बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया जाएगा। ईरान ने भी प्रतिक्रिया दी थी कि वे अमेरिकी सहायता से चलने वाले किसी संयंत्र को नहीं छोड़ेगा।
शांति वार्ता के प्रयास
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुई जंग के बाद वॉशिंगटन और तेहरान के बीच सीधा संपर्क नहीं हुआ, लेकिन मिस्र, कतर और ब्रिटेन ने दोनों पक्षों तक संदेश पहुंचाए। ईरान ने बमबारी से हुए नुकसान के एवज में मुआवजे की मांग की और भविष्य में युद्ध न होने की गारंटी जैसी शर्तें रखीं।
अमेरिका की प्रमुख मांगें
अमेरिका चाहता है कि ईरान:
- अगले पांच साल तक कोई मिसाइल कार्यक्रम न चलाए।
- यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाए और नतान्ज़, इस्फहान और फ़ोर्डो परमाणु केंद्रों पर काम बंद करे।
- परमाणु उपकरणों पर सख्त बाहरी निगरानी लागू करे।
इन प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के बाद ही अमेरिका ईरान के साथ स्थिर और सुरक्षित शांति वार्ता पर आगे बढ़ने को तैयार है।
बातचीत का महत्व
पश्चिम एशिया में दशकों से अस्थिरता और संघर्ष के बीच यह संवाद अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि यह कूटनीतिक पहल सफल होती है, तो इससे न केवल अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होगा, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया में शांति और सुरक्षा की संभावना भी बढ़ेगी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.