देवबंद: अवैध निर्माण पर प्रशासन की कार्रवाई, छह धार्मिक स्थलों के प्रबंधन को नोटिस; 15 दिन में मांगा जवाब

HIGHLIGHTS
- देवबंद तहसील में सरकारी भूमि पर बने मस्जिद-मदरसे के 6 मामलों में प्रशासन ने नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है।
- जांच में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की पुष्टि के बाद संबंधित प्रबंधकों को निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
- प्रशासन ने चेतावनी दी है कि समय सीमा में समाधान नहीं होने पर सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सहारनपुर। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। देवबंद तहसील क्षेत्र में जांच के दौरान सामने आए 11 मामलों में से छह मामलों में मस्जिद और मजार संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन ने संबंधित पक्षों को 15 दिन के भीतर अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए हैं। समय सीमा पूरी होने के बाद प्रशासन स्वयं जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई करेगा।
प्रशासन के अनुसार, शिकायतों के आधार पर राजस्व विभाग ने इन मामलों की जांच कराई थी। जांच में कुछ स्थानों पर सरकारी भूमि पर कब्जा कर मस्जिद और मदरसे बनाए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद संबंधित प्रबंधकों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
कई गांवों में सरकारी भूमि पर निर्माण का मामला
देवबंद तहसील के गांव सोहनचिड़ा में वर्ष 2012 में करीब 0.0172 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर मस्जिद निर्माण का मामला सामने आया है। प्रशासन ने जमीन की कीमत करीब 11.52 लाख रुपये आंकी है। तहसीलदार ने मस्जिद के मुतवल्ली अहसान को नोटिस जारी करते हुए 25 लाख रुपये क्षतिपूर्ति जमा करने के निर्देश दिए हैं।
इसी तरह गांव पांडौली में करीब 0.0300 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर पक्का निर्माण किए जाने की बात सामने आई है। प्रशासन के मुताबिक इस भूमि का बाजार मूल्य लगभग 20.01 लाख रुपये है।
गांव छलौली (परगना नागल) में करीब 0.2900 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर मदरसा निर्माण का मामला सामने आया है। राजस्व विभाग के अनुसार इससे करीब 19.69 लाख रुपये की क्षति हुई है।
इसके अलावा अंबेहटा शैखा गांव में करीब 0.1000 हेक्टेयर भूमि पर मदरसा निर्माण और इसी क्षेत्र में मस्जिद निर्माण के मामले में भी नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन ने इन मामलों में राजस्व नुकसान का आकलन किया है। वहीं पहाड़पुर गांव में सरकारी भूमि पर मस्जिद निर्माण के मामले में भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
13 जुलाई तक देना होगा जवाब
देवबंद तहसील प्रशासन ने सभी संबंधित मस्जिद और मदरसा प्रबंधकों को 13 जुलाई तक अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। नोटिस में कहा गया है कि निर्धारित अवधि में जवाब नहीं देने पर प्रशासन एकतरफा निर्णय ले सकता है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित जमीन पर कोई फसल खड़ी है तो उसे नियमानुसार काटने की अनुमति दी जा सकती है। इसके बाद भूमि को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।
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