नई दिल्ली। दुनिया भर में जारी आर्थिक अनिश्चितता और अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ के असर के बीच केंद्र सरकार ने देश की आर्थिक रफ्तार बनाए रखने के लिए सरकारी खर्च बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए मैन्युफैक्चरिंग और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने पर जोर दिया, साथ ही राजकोषीय संतुलन बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए पूंजीगत व्यय में 9 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। इसके साथ ही घाटे और कर्ज के स्तर को नियंत्रित करने की दिशा में धीरे-धीरे कदम बढ़ाने की योजना भी सामने रखी गई है।
12.2 लाख करोड़ रुपये का होगा पूंजीगत व्यय
वित्त मंत्री के अनुसार आगामी वित्त वर्ष में पूंजीगत खर्च को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा। इस राशि का उपयोग रेलवे, सड़क, हवाई अड्डे, बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, छोटे उद्योगों और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक उतार-चढ़ाव से बेहतर सुरक्षा मिलेगी।
मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती देने के लिए क्रिटिकल मिनरल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा उद्योग पर विशेष फोकस रखा गया है, ताकि घरेलू उत्पादन बढ़ सके।
घाटा घटाने की योजना, फिर भी बड़ा कर्ज
सरकार ने अगले साल के लिए राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है, जबकि मौजूदा वर्ष में यह करीब 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं सरकारी कर्ज को 56.1 प्रतिशत से घटाकर 55.6 प्रतिशत पर लाने की कोशिश की जाएगी।
इसके बावजूद सरकार को विकास योजनाओं के लिए 17.2 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेना पड़ेगा, जो अब तक का एक बड़ा आंकड़ा है। बजट के बाद शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला और सेंसेक्स करीब 1.5 प्रतिशत टूट गया।
सरकार ने कुछ इक्विटी लेनदेन पर टैक्स 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट सेक्टर के लिए प्रोत्साहन योजना को बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है।
बायोफार्मा और ग्रोथ पर नजर
आर्थिक वृद्धि को लेकर सरकार ने अगले वित्त वर्ष में 6.8 से 7.2 प्रतिशत की दर का अनुमान लगाया है। यह चालू साल के 7.4 प्रतिशत से थोड़ा कम जरूर है, लेकिन विशेषज्ञों के औसत अनुमान से बेहतर माना जा रहा है।
इसके अलावा सरकार ने बायोफार्मास्युटिकल रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा भी की है।