नई दिल्ली। आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। वित्त मंत्रालय ने बुधवार, 22 अप्रैल को इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब महंगाई भत्ता मौजूदा 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कर्मचारी नए वेतन आयोग के गठन का इंतजार कर रहे हैं।
सैलरी पर असर
इस बढ़ोतरी से कर्मचारियों की मासिक आय में हल्का इजाफा होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 50,000 रुपये है, तो 2 प्रतिशत डीए बढ़ने से उसे हर महीने लगभग 1,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने स्पष्ट किया है कि ‘बेसिक पे’ का अर्थ सातवें वेतन आयोग के अनुसार तय वेतनमान से है, जिसमें किसी भी प्रकार के अतिरिक्त भत्ते शामिल नहीं होंगे।
एरियर और अन्य नियम
चूंकि यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी, इसलिए कर्मचारियों को बकाया अवधि का एरियर भी मिलेगा। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि महंगाई भत्ता वेतन का एक अलग घटक रहेगा और इसे मूल वेतन में शामिल नहीं किया जाएगा। भुगतान में 50 पैसे से अधिक के अंश को अगले रुपये में राउंड ऑफ किया जाएगा।
यह आदेश रक्षा क्षेत्र के सिविलियन कर्मचारियों पर भी लागू होगा, जबकि सशस्त्र बलों और रेलवे कर्मचारियों के लिए संबंधित मंत्रालय अलग से आदेश जारी करेंगे।
डीए क्यों बढ़ाया जाता है?
महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) का उद्देश्य बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कम करना और कर्मचारियों की क्रय शक्ति को बनाए रखना है। इसकी गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर की जाती है।
केंद्र सरकार आमतौर पर साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में डीए की समीक्षा करती है और इसकी घोषणा मार्च व अक्टूबर के आसपास की जाती है। आठवें वेतन आयोग की मांग के बीच यह 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर्मचारियों के लिए फिलहाल राहत मानी जा रही है।