नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन भी मजबूती का रुख देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान में खुले और अच्छी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।

शुरुआत में सेंसेक्स 566.32 अंक (0.72%) की तेजी के साथ 78,677.56 के स्तर पर खुला। सुबह 10:36 बजे तक यह 289.60 अंक (0.37%) की बढ़त के साथ 78,400.84 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 84.96 अंक (0.35%) की मजबूती के साथ 24,316.25 के स्तर पर पहुंच गया।

इंट्रा-डे कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 78,730.32 का उच्च स्तर छुआ, जो करीब 619 अंकों की बढ़त को दर्शाता है। दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी भी मजबूती के साथ आगे बढ़ते हुए 144.45 अंक (0.60%) की छलांग लगाकर 24,375.75 तक पहुंचा और बाद में 169.65 अंक की तेजी के साथ 24,400.95 के स्तर तक गया। शुरुआती कारोबार में ICICI बैंक और L&T के शेयर प्रमुख गेनर्स के रूप में उभरे।

बाजार में आई इस तेजी का असर कुल बाजार पूंजीकरण पर भी पड़ा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त मार्केट कैप 25 लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़कर लगभग 462 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

बाजार में तेजी की वजह क्या रही?

विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनावों में कमी और अमेरिका-ईरान वार्ता फिर से शुरू होने की उम्मीदों ने निवेशकों की धारणा को मजबूत किया है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी निवेशकों की वापसी ने भी बाजार को सपोर्ट दिया है।

सेक्टोरल मूवमेंट

बाजार में जहां कई प्रमुख शेयरों में तेजी रही, वहीं कुछ में दबाव भी देखने को मिला।
टॉप गेनर्स: इटरनल (Eternal), इन्फोसिस (Infosys), टेक महिंद्रा (Tech Mahindra), बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance), टाटा स्टील (Tata Steel) और इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation) ने अच्छा प्रदर्शन किया।
टॉप लूजर्स: सन फार्मा (Sun Pharma) और टाइटन (Titan) के शेयर शुरुआती कारोबार में गिरावट में रहे।

वैश्विक बाजार और कच्चा तेल

एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला, जहां दक्षिण कोरिया, जापान, चीन और हांगकांग के प्रमुख सूचकांक बढ़त में रहे। वहीं अमेरिकी बाजार बुधवार को मजबूती के साथ बंद हुए।

इस बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल मामूली 0.04% की बढ़त के साथ 94.97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था।

जानकारों की राय और FII गतिविधि

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर बढ़ी उम्मीदों ने जोखिम लेने की क्षमता को बढ़ाया है। कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भी बुधवार को 666.15 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जिससे बाजार में भरोसा बढ़ा है। इससे पहले लगातार बिकवाली के दबाव के बाद अब विदेशी निवेशकों की वापसी को एक अहम संकेत माना जा रहा है।

आगे का आउटलुक

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक मोर्चे पर कोई नया नकारात्मक घटनाक्रम नहीं आता है, तो कच्चे तेल की स्थिरता, भू-राजनीतिक राहत और विदेशी निवेशकों की वापसी भारतीय बाजारों को आगे भी सपोर्ट कर सकती है।