नई दिल्ली। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दरों में कटौती में देरी और डॉलर की मजबूती ने वैश्विक और देशी बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट ला दी है। मंगलवार के कारोबारी सत्र में सोने की कीमतों में लगभग 1,900 रुपए की कमी दर्ज की गई, जबकि चांदी 4,000 रुपए से अधिक सस्ती हुई। विदेशी बाजारों में भी सोने का भाव 66 डॉलर प्रति औंस गिरकर 4,009 डॉलर और चांदी 49.60 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
देशी बाजार में हालात
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सोने का वायदा सुबह 1,21,208 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला और कारोबार के दौरान 1,21,000 रुपए तक गिर गया। यह लगातार तीसरे दिन है जब सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। चांदी के दाम भी 1,51,250 रुपए प्रति किलोग्राम तक नीचे आ गए हैं। पिछले तीन दिनों में चांदी की कीमतों में कुल 11,220 रुपए की गिरावट देखी गई है।
विशेषज्ञों का विश्लेषण
ऑगमोंट – गोल्ड फॉर ऑल की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी के अनुसार, सोने की कीमतें फिलहाल महत्वपूर्ण स्तर पर हैं। उन्होंने कहा कि अगर कीमतें 4,050 डॉलर से नीचे बनी रहती हैं, तो सोने के भाव 3,900 डॉलर के पिछले निचले स्तर तक गिर सकते हैं। वहीं चांदी में 54 डॉलर के प्रतिरोध स्तर को पार करने के बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति, टैरिफ नीति और फेड की भविष्य की चाल सोने-चांदी की कीमतों में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को बढ़ा सकती है।
विदेशी बाजार में स्थिति
न्यूयॉर्क कॉमेक्स में फ्यूचर गोल्ड 66 डॉलर की गिरावट के साथ 4,009.20 डॉलर पर, गोल्ड स्पॉट 36.17 डॉलर कम होकर 4,008.79 डॉलर पर और सिल्वर स्पॉट 1.22 प्रतिशत गिरकर 49.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।
इस गिरावट का असर निवेशकों और आभूषण निर्माताओं दोनों पर देखा जा सकता है, जबकि विशेषज्ञ अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेश में सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।