सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जबकि चांदी की कीमतों में गिरावट का रुख रहा। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशक सुरक्षित विकल्प की तलाश में सोने की तरफ बढ़ रहे हैं।
घरेलू बाजार के ताजा भाव
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9% शुद्ध सोना दिल्ली में 1,64,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो पिछले दिन 1,62,900 रुपये था। वहीं, चांदी की कीमत 2,68,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही, जो 2,500 रुपये की गिरावट दर्शाती है।
सोने के तेजी का कारण
विश्लेषकों के अनुसार, स्थानीय आभूषण विक्रेताओं और स्टॉकिस्टों की खरीदारी ने सोने की कीमतों को ऊपर उठाया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज विशेषज्ञ सौमिल गांधी का कहना है कि अमेरिका में व्यापार संरक्षणवाद की बढ़ती नीतियाँ और मध्य पूर्व में तनाव के कारण निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति
वैश्विक स्तर पर स्थिति मिश्रित है। स्पॉट सिल्वर 1.42 डॉलर बढ़कर 89.72 डॉलर प्रति औंस पर रहा, जबकि सोना मामूली गिरावट के साथ 5,172.17 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। मीरा एसेट शेयरखान के प्रवीण सिंह का कहना है कि व्यापारी अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते पर स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व का असर
डॉलर के स्थिर बने रहने और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों में कमी के कारण अंतरराष्ट्रीय सोने में बड़ी तेजी सीमित रही।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
सौमिल गांधी के अनुसार, अब निवेशकों की नजर अमेरिका के प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) और फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के सदस्यों के भाषणों पर होगी। ये आंकड़े और बयान तय करेंगे कि सोने और चांदी की कीमतें भविष्य में किस दिशा में जाएंगी।
भविष्य का अनुमान
भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक टैरिफ अनिश्चितताओं के कारण सोने की सेफ-हेवन मांग मजबूत बनी हुई है। हालांकि, निकट भविष्य में अमेरिकी महंगाई और ब्याज दरों पर फेडरल रिजर्व का रुख ही यह तय करेगा कि सर्राफा बाजार में यह तेजी कितनी स्थिर रहेगी।