नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान को लेकर तनाव कम होने के संकेतों के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली है। इसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा, जहां गुरुवार को कारोबार की शुरुआत मजबूत बढ़त के साथ हुई।

सेंसेक्स 876 अंकों की छलांग के साथ 74,709 पर खुला, जबकि निफ्टी 250 अंक चढ़कर 23,412 के स्तर पर पहुंच गया।

ट्रंप के बयान से बदला ग्लोबल सेंटिमेंट

बाजारों में तेजी का मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान माना जा रहा है जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौता इस वीकेंड तक संभव है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पहले प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को रोक दिया गया है और बातचीत ईरान के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुकी है।

इस बयान के बाद वैश्विक स्तर पर जोखिम की धारणा में सुधार हुआ है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर उम्मीदें

तनाव कम होने के संकेतों के बीच यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोला जा सकता है। इससे पिछले कुछ महीनों से जारी भू-राजनीतिक तनाव में कमी आने की संभावना है।

इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जिसका सकारात्मक असर इक्विटी मार्केट पर देखने को मिला।

सेक्टोरल रैली, रियल्टी सबसे आगे

निफ्टी50 में शुरुआती कारोबार के दौरान कई बड़े शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

टॉप गेनर्स में लार्सन एंड टुब्रो, श्रीराम फाइनेंस, इंडिगो, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और बजाज फाइनेंस शामिल रहे।

वहीं टॉप लूजर्स में ओएनजीसी, हिंडाल्को, टेक महिंद्रा और कोल इंडिया जैसे शेयर दबाव में रहे।

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो रियल्टी इंडेक्स सबसे आगे रहा और इसमें करीब 2.74% की बढ़त दर्ज की गई। ऑटो, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक और इंफ्रा सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।

खबरों में रहे प्रमुख शेयर

12 जून के कारोबारी सत्र में कई कंपनियों के शेयर निवेशकों की नजर में रहे। इनमें डाबर इंडिया, वेदांता, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, IRCTC, इंफोसिस और अदाणी एंटरप्राइजेज शामिल हैं।

US FDA द्वारा दादरा और नगर हवेली के सिलवासा स्थित डाबर इंडिया के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का निरीक्षण किया गया, जिसमें डेटा इंटीग्रिटी और रखरखाव से जुड़ी कुछ खामियों की बात सामने आई है, जिसका असर स्टॉक पर देखने को मिला।