सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। BSE Sensex 200 अंकों से ज्यादा टूटकर खुला, जबकि Nifty 50 24,050 के नीचे फिसल गया। खासतौर पर सरकारी बैंकों के शेयरों में बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव बना रहा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 208 अंक गिरकर 77,094 के आसपास पहुंचा, वहीं निफ्टी भी करीब 43 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा।
हालांकि, बाजार ने कुछ ही देर में हल्की रिकवरी भी दिखाई। सुबह करीब 9:48 बजे सेंसेक्स बढ़त में लौटकर 77,300 के ऊपर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 24,100 के करीब ट्रेड करता नजर आया।
रुपये में कमजोरी, निवेशकों में सतर्कता
शुरुआती कारोबार में भारतीय मुद्रा Indian Rupee डॉलर के मुकाबले 24 पैसे टूटकर 94.39 पर आ गई। एक दिन पहले आई तेजी के बाद मंगलवार को बाजार में सतर्कता का माहौल रहा। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों को सावधानी बरतने पर मजबूर किया।
बड़े शेयर दबाव में, मिडकैप-स्मॉलकैप में मजबूती
जहां एक ओर बड़े शेयरों में सुस्ती देखने को मिली, वहीं व्यापक बाजार में हल्की मजबूती दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 0.3% तक की बढ़त रही। बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX भी गिरकर 18.38 पर आ गया, जो थोड़ी राहत का संकेत है।
शुरुआती कारोबार में State Bank of India, Axis Bank, Sun Pharma और IndiGo के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं Adani Ports, TCS, Larsen & Toubro और Mahindra & Mahindra के शेयर बढ़त में रहे।
कच्चे तेल और वैश्विक हालात का असर
बाजार पर दबाव की एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता तनाव रहा। Strait of Hormuz को लेकर अनिश्चितता और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। Brent Crude 109 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी बाजार के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने सोमवार को 1,151 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
आगे का रुख कैसा रहेगा?
सेक्टोरल प्रदर्शन में पीएसयू बैंक इंडेक्स सबसे ज्यादा दबाव में रहा, जबकि रियल्टी सेक्टर में हल्की मजबूती दिखी। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार फिलहाल संतुलन की स्थिति में है, जहां कंपनियों के अच्छे नतीजों और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच खींचतान जारी है।
बाजार की आगे की दिशा अब काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगी। जानकारों का यह भी मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में जारी तेजी के कारण विदेशी निवेश फिलहाल दूसरे बाजारों की ओर जा रहा है, लेकिन इसमें सुधार होने पर भारतीय बाजार में फिर से मजबूती लौट सकती है।