शेयर बाजार में लगातार पांचवें कारोबारी दिन गिरावट देखने को मिली। शुक्रवार को सेंसेक्स में 450 से अधिक अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जिससे प्रमुख सूचकांक 84 हजार अंक के नीचे 83,707.98 अंकों पर आ गया। यह स्तर करीब दो महीने बाद देखा गया है; आखिरी बार 11 नवंबर को सेंसेक्स 83 हजार अंक के स्तर पर पहुंचा था। इसी तरह निफ्टी भी कमजोर होकर 25,735.15 अंकों पर कारोबार कर रहा है।
पिछले पांच दिनों में शेयर बाजार में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई है। इस दौरान निवेशकों को कुल 11.56 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। गुरुवार को सेंसेक्स में 700 से अधिक अंकों की गिरावट आई थी, जिससे दो दिन में कुल 1,200 अंकों की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
सेंसेक्स शुक्रवार को 84,022.09 अंकों पर खुला और दोपहर तक 83,747.39 अंकों तक गिर गया। निफ्टी सुबह 25,840.40 अंकों पर खुला और दोपहर तक 25,761.45 अंकों पर कारोबार कर रहा था।
लगातार गिरावट के कारण बाजार पिछले दो महीनों के स्तर पर लौट गया है। 2 जनवरी को सेंसेक्स 85,762.01 अंकों पर था, जो अब 83,707.98 अंकों पर आ गया है। निफ्टी ने भी इसी दौरान 26,328.55 से 25,735.15 अंकों तक गिरावट दर्ज की है।
शेयर बाजार में गिरावट के कारण
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एफआईआई की बिकवाली: विदेशी निवेशकों ने लगातार चौथे सत्र में शेयर बेचे। जनवरी महीने में अब तक एफआईआई ने 8,080 करोड़ रुपये की बिकवाली की है।
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अमेरिकी टैरिफ पर असमंजस: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ की वैधता पर फैसले का इंतजार है। निवेशक संभावित टैरिफ के प्रभाव से सतर्क हैं।
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कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें: ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.53 प्रतिशत बढ़कर 62.32 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जिससे भारत के आयात खर्च और महंगाई बढ़ने की आशंका है।
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रुपये में कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत 7 पैसे गिरकर 89.97 पर आ गई। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और महंगे तेल के कारण दबाव बढ़ा।
इन सभी कारकों के चलते बीएसई का मार्केट कैप 2 जनवरी के 4,81,24,779.35 करोड़ रुपये से घटकर 9 जनवरी को 4,69,69,004.46 करोड़ रुपये हो गया। निवेशकों का कुल नुकसान 11,55,774.89 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।