नई दिल्ली। 1 अप्रैल 2026 से कई वित्तीय और टैक्स नियम बदलने जा रहे हैं। वित्त वर्ष 2026 के बजट में घोषित ये प्रावधान सीधे आम जनता और छोटे व्यवसायों को प्रभावित करेंगे। आइए जानें प्रमुख बदलाव।

पैन कार्ड (PAN) नियमों में ढील

  • अब साल में बैंक या पोस्ट ऑफिस में 10 लाख रुपये तक कैश जमा या निकासी पर PAN देने की आवश्यकता नहीं होगी।

  • 5 लाख रुपये तक की कार या बाइक खरीदते समय PAN की जरूरत नहीं होगी।

  • 20 लाख रुपये तक की प्रॉपर्टी डील के लिए PAN जरूरी नहीं होगा।

  • होटल, रेस्टोरेंट या इवेंट में 1 लाख रुपये तक के खर्च पर PAN नहीं देना होगा।

ITR फाइलिंग की नई समय सीमा

  • बिना ऑडिट वाले छोटे व्यवसाय और पेशेवर अब 31 जुलाई के बजाय 31 अगस्त तक ITR जमा कर सकेंगे।

  • सैलरी वाले कर्मचारियों और ITR-1/ITR-2 फाइल करने वालों की डेडलाइन 31 जुलाई ही रहेगी।

  • इससे छोटे व्यापारियों और पेशेवरों को एक महीने की अतिरिक्त राहत मिलेगी।

इंश्योरेंस पॉलिसी में PAN अनिवार्य

  • 1 अप्रैल से सभी इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय PAN देना जरूरी होगा।

  • पहले यह नियम केवल बड़ी राशि पर लागू था, अब हर पॉलिसी में PAN अनिवार्य होगा।

मुआवजे और टैक्स में राहत

  • MACT से मिलने वाले मुआवजे पर मिलने वाले ब्याज पर अब टैक्स नहीं लगेगा।

बच्चों की शिक्षा पर बढ़ी राहत

  • एजुकेशन अलाउंस की छूट 100 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह होगी।

  • हॉस्टल अलाउंस की छूट 300 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रति माह होगी, केवल एक बच्चे के लिए।

  • यह लाभ अधिकतम दो बच्चों तक ही मिलेगा।

शेयर बाजार में ट्रेडिंग की लागत बढ़ेगी

  • 1 अप्रैल से फ्यूचर ट्रेडिंग पर SST 0.02% से बढ़कर 0.05% हो जाएगा।

  • ऑप्शन प्रीमियम पर SST 0.10% से बढ़कर 0.15% होगा।

  • ऑप्शन एक्सरसाइज पर भी 0.15% SST लागू होगा।