राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष एवं केंद्र में कौशल विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री जयंत चौधरी को मुर्शिदाबाद के किसी मोहम्मद इस्माइल नाम के व्यक्ति ने हत्या की धमकी दी है। धमकी की खबर से उनके समर्थक ही नहीं वे लोग भी उद्वेलित है जो उनके भाजपा नीत सरकार में बने रहने से परेशान है। इन लोगों या उनके जेबी संगठनों ने समय समय पर जयंत चौधरी की शराफत को उनकी कमजोरी समझकर सार्वजनिक मंच से उन पर तंज कसे, मज़ाक उड़ाया, किंतु बेहूदे कटाक्षों का उन्होंने शालीनता से जवाब दे दिया। आज ये कह रहे हैं कि जयंत चौधरी की रक्षा हम करेंगे।

सारा देश जनता है कि राजनीति के दलदल में रहते हुए चौधरी चरण सिंह, अजीत चौधरी और जयंत चौधरी ने निरंतर शालीनता बरती, मर्यादा की लक्ष्मण रेखा कभी नहीं लांघी। सार्वजनिक जीवन में रहते हुए अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों पर गालियों के शब्दबाण नहीं छोड़े, जैसे कि आज कांग्रेस के कुंवर साहब करते हैं। चौधरी साहब, अजीत चौधरी व जयंत चौधरी की धोली चादर पर कलुषता का दाग कभी नहीं लगा यह भारतीय राजनीति की अद्भुत मिसाल है।

खेद है कि भारतीय राजनीति आज छुद्र मानसिकता वाले अखाड़ेबाजों का मैदान बन गई है। कहावत है - यथा राजा, तथा प्रजा। लोकशाही के चलते प्रजा में भी मोहम्मद इस्माइल जैसे लोग पैदा होंगे। भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशा अल्लाह-इंशा अल्लाह कहने वाले, मोदी और योगी की मां को गालियां देने वाले भी पैदा होंगे।

देश में अराजकता और गृह युद्ध का माहौल बनाने वाले निष्कंटक काली करतूतों में लगे हैं। निर्दोष, नेक नेताओं को मारने की गीदड़ भभकी और भद्र पुरुषों के माता-पिता को अभद्र भाषा में गाली धमकी देना भारी षडयंत्र की ओर इशारा करता है, यह केवल जयंत को धमकी नहीं, देश की समूची व्यवस्था को धमकी है। जाट बिरादरी या किसान यूनियन इस धमकी को व्यक्तिगत खतरे से न जोड़े, इसे समग्र राष्ट्र के समक्ष आसन्न खतरे से जोड़ कर देखें।

गोविंद वर्मा 

संपादक देहात