वॉशिंगटन/कनाडा: अमेरिका और कनाडा के बीच संबंधों में नई खटास आ गई है। खबर है कि अमेरिकी अधिकारियों ने कनाडा के तेल-समृद्ध प्रांत अल्बर्टा के अलगाववादी नेताओं के साथ गुप्त बैठकें की हैं। इस खबर के सामने आते ही कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वे कनाडा की संप्रभुता के साथ हस्तक्षेप न करें।

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अल्बर्टा प्रॉस्पेरिटी प्रोजेक्ट (APP) के नेता, जो प्रांत की स्वतंत्रता के पक्षधर हैं, ने अप्रैल से वॉशिंगटन में अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों से तीन बार मुलाकात की। यह बैठकें अब तक गुप्त रखी गई थीं।

प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि अमेरिकी प्रशासन कनाडा की संप्रभुता का सम्मान करेगा। हमने राष्ट्रपति ट्रंप से हमेशा यह स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी तरह का हस्तक्षेप अस्वीकार्य है।"

अल्बर्टा के प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने भी कहा कि उनका उद्देश्य एक मजबूत और संप्रभु कनाडा के भीतर अल्बर्टा के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी जनमत संग्रह या स्थानीय निर्णय में अमेरिकी हस्तक्षेप को सीधे वॉशिंगटन के समक्ष उठाया जाएगा।

यह घटना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कनाडा के बीच पहले से चल रहे तनावों को और बढ़ा सकती है। ट्रंप ने पहले भी 100% टैरिफ की धमकी दी थी और अल्बर्टा को अमेरिका का हिस्सा बताने जैसे विवादित बयान दिए हैं।