अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से टेलीफोन पर बात की। व्हाइट हाउस ने यह जानकारी दी। इस बातचीत के दौरान बेंजामिन नेतन्याहू ने इस्राइल के ईरान पर संभावित हमले को लेकर अमेरिका का समर्थन दोहराया और लगातार संपर्क में रहने की बात भी कही। हसन नसरल्ला की मौत के बाद ईरान ने इस्राइल पर हमला किया था। इससे पहले जब सीरिया में इस्राइली हमले में ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर मारे गए थे, तब भी ईरान ने इस्राइल पर हमला किया था। ऐसे में अब सभी की निगाहें इस्राइल के जवाब पर टिकी हैं।
बीते दो महीने में पहली बार हुई दोनों नेताओं में बातचीत
जो बाइडन और बेंजामिन नेतन्याहू की यह बीतचीत बीते दो महीने में पहली बार हुई। इस दौरान बाइडन ने नेतन्याहू को लेबनान में आम नागरिकों को कम से कम नुकसान पहुंचाने का आग्रह भी किया। इससे पहले अमेरिका ने इस्राइल को ईरान के तेल ठिकानों पर हमला न करने को भी कहा था। गौरतलब है कि बीते दिनों ईरान ने इस्राइल पर मिसाइल और रॉकेट हमला किया था। इसके बाद इस्राइल ने बदला लेने और ईरान पर जवाबी कार्रवाई करने की बात कही थी। अमेरिका ने भी ईरान के इस्राइल पर हमले की निंदा की थी और इस्राइल को अडिग समर्थन देने का वादा किया था।
इस्राइल का दावा- ईरान पर हमला घातक और हैरान करने वाला होगा
व्हाइट हाउस के बयान में कहा गया कि अमेरिका और इस्राइल की राष्ट्रीय सुरक्षा टीमें लगातार संपर्क में रहेंगी। दोनों नेताओं की बातचीत में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस भी शामिल हुईं। यह बातचीत ऐसे समय हुई, जब इस्राइल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ईरान के हमले पर इस्राइली प्रतिक्रिया को लेकर अमेरिकी नेतृत्व से बातचीत करने वाले थे। इस्राइली रक्षा मंत्री ने बुधवार को कहा कि 'ईरान पर हमारा हमला घातक, सटीक और हैरान करने वाला होगा।' व्हाइट हाउस ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच करीब 30 मिनट तक बातचीत हुई।
लेबनान पर इस्राइली हमले को लेकर व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जीन पियरे ने कहा कि 'हम लेबनान को दूसरे गाजा में बदलते नहीं देख सकते और न ही देखेंगे।' पश्चिम एशिया के हालात को लेकर जो बाइडन और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच तनाव की खबरें भी आईं थी, जब इसे लेकर व्हाइट हाउस की प्रवक्ता से सवाल किया गया तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।