हिज्बुल्ला चीफ नसरल्ला ने कहा है कि लेबनान में पेजर और दूसरे उपकरणों में हुए धमाकों को 'युद्ध का एलान' समझा जाए। नसरल्ला ने इसे ऐतिहासिक अवसर बताया है। हालांकि, इस बीच इस्राइल ने पश्चिम एशिया में कुछ ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है। इससे हालिया घटनाक्रम के कारण तनाव बढ़ने की आशंका है।
क्या बोले हिज्बुल्ला प्रमुख हसन नसरल्ला?
थोड़ी देर पहले ही हिज्बुल्ला के प्रमुख हसन नसरल्ला ने पेजर और वॉकी टॉकी में धमाके की घटनाओं पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस्राइल के हमलों में हिज्बुल्ला के ढांचों को कोई नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, इसमें आम लोगों को जरूर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने इस घटना को आतंकी हमला और कत्लेआम करार दिया। उन्होंने कहा कि हम किसी नतीजे पर नहीं पहुंच रहे, लेकिन इस पूरी घटना की जांच चल रही है। उन्होंने इस हमले को बड़ी सुरक्षा चूक करार दिया।
उन्होंने हमले में इस्राइल के साथ पश्चिमी देशों की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि उसके पास अमेरिका और अन्य देशों की वजह से तकनीकी श्रेष्ठता है। लेकिन इसके बावजूद वे हिज्बुल्ला को अपने घुटनों पर नहीं ला पाए। उन्होंने कहा कि हिज्बुल्ला पर हुए इस हमले की माकूल सजा मिलेगी और वो भी उस जगह पर जहां इस्राइल ने सोचा भी नहीं होगा।
इस्राइल की तरफ से फिर लेबनान पर हमला
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक इस्राइली रक्षा बलों (IDF) ने पुष्टि की है कि वे लेबनान में कई ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। आईडीएफ के मुताबिक सुरक्षाबलों का लक्ष्य हिज्बुल्ला की आतंकी क्षमताओं और बुनियादी ढांचे को नष्ट करना है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स एक पोस्ट में, आईडीएफ ने कहा, हिज्बुल्ला ने नागरिकों के घरों को हथियारों से भर दिया है। घरों के नीचे सुरंगें खोदी हैं। नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। दक्षिणी लेबनान युद्ध क्षेत्र में बदल गया है।
आईडीएफ ने कहा कि उत्तरी इस्राइल में सुरक्षाबल हालात सामान्य बनाने के प्रयास कर रहे हैं, ताकि स्थानीय निवासियों को उनके घरों में वापस लौटने में मदद मिल सके। इस्राइली सेना ने कहा कि हिज्बुल्ला ने आम लोगों के घरों को हथियार बना लिया है। इन्हीं के भीतर सुरंगे बना रखी हैं और नागरिकों को मानव ढाल के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे दक्षिण लेबनान युद्ध क्षेत्र बन गया है।