कनाडा के एडमोंटन से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां 44 वर्षीय भारतीय मूल के प्रशांत श्रीकुमार की अस्पताल में लंबी प्रतीक्षा के बाद मौत हो गई। वह पेशे से अकाउंटेंट थे और अपने पीछे पत्नी व तीन छोटे बच्चों (उम्र तीन, दस और 14 साल) को छोड़ गए हैं।
घटना ग्रे नन्स कम्युनिटी हॉस्पिटल की है। जानकारी के अनुसार, काम के दौरान अचानक प्रशांत को सीने में तेज दर्द हुआ, जिस पर एक क्लाइंट उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर आया। प्राथमिक जांच (ट्रायज) के बाद उन्हें इमरजेंसी वेटिंग एरिया में बैठने के लिए कहा गया। परिजनों का आरोप है कि उसके बाद उन्हें आठ घंटे से अधिक तक डॉक्टर की ओर से कोई ध्यान नहीं मिला।
प्रशांत लगातार दर्द से कराह रहे थे। उनके पिता कुमार श्रीकुमार ने बताया कि बेटे ने बार-बार कहा, “पापा, मुझसे दर्द बर्दाश्त नहीं हो रहा।” सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रशांत की पत्नी ने बताया कि इस दौरान उनका ब्लड प्रेशर 210 तक पहुंच गया, लेकिन उन्हें केवल सामान्य दर्द निवारक (टाइलेनॉल) दिया गया।
परिवार का आरोप है कि एक बार ईसीजी जरूर किया गया, लेकिन डॉक्टरों ने कोई बड़ी समस्या नहीं बताई और प्रतीक्षा करने को कहा। नर्सें बीच-बीच में उनका ब्लड प्रेशर चेक करती रहीं, जो लगातार बढ़ता गया। करीब आठ घंटे बाद जब प्रशांत को इलाज वाले कमरे में बुलाया गया, तो वह कुछ ही सेकंड में गिर पड़े। बताया जा रहा है कि उन्हें हार्ट अटैक आया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि मरीज की गोपनीयता के कारण वे अधिक जानकारी नहीं दे सकते। हालांकि मामला अब मुख्य मेडिकल परीक्षक कार्यालय को भेज दिया गया है। अस्पताल ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
परिवार और मित्र अस्पताल की लापरवाही पर गहरा सवाल उठा रहे हैं। परिवार के एक दोस्त वरिंदर भुल्लर ने कहा कि यह घटना चौंकाने वाली और अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, “यह नुकसान बहुत बड़ा है। हम अस्पताल और स्वास्थ्य व्यवस्था से इससे बेहतर उम्मीद करते हैं।”