लंदन। ब्रिटेन के विवादित पूर्व राजकुमार एंड्रू माउंटबेटन-विंडसर पर अमेरिकी जांच समिति के सामने गवाही देने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। यह समिति जेफ्री एपस्टीन के सजायाफ्ता यौन अपराधों की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, एक नई महिला ने दावा किया है कि 2010 में एपस्टीन ने उसे यूके बुलाया था और इसी दौरान वह विंडसर कैसल के रॉयल लॉज में एंड्रू से मिली। पूर्व राजकुमार ने हमेशा ही सभी आरोपों से इनकार किया है और इस नए दावे पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पीड़ितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने जापान दौरे के दौरान कहा कि एपस्टीन के पीड़ितों को हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी इस मामले में जानकारी रखता है, उसे साझा करने के लिए तैयार होना चाहिए।

नए आरोप और पिछली घटनाएँ
इससे पहले वर्जीनिया गिउफ्रे ने आरोप लगाया था कि 2001 में 17 वर्ष की उम्र में उन्हें लंदन बुलाया गया और एंड्रू के साथ यौन संबंध बनाए गए। इस सप्ताह सामने आई नई महिला ने दावा किया कि उसने पूर्व राजकुमार के साथ रात बिताई और उसके बाद बकिंघम पैलेस का दौरा किया। उनके वकील ब्रैड एडवर्ड्स ने बताया कि उनके मुव्वकिल और एंड्रू के बीच गुप्त संवाद भी हुए।

राजकुमार के पदों से हटाए गए
अक्टूबर 2025 में, एंड्रू को उनके राजकुमार और ड्यूक ऑफ यॉर्क के पद और संबोधन से हटा दिया गया था। बकिंघम पैलेस ने कहा कि यह कदम आवश्यक था, भले ही उन्होंने आरोपों से इनकार किया। अमेरिका के कांग्रेस के विपक्षी दल भी चाहते हैं कि एंड्रू एपस्टीन जांच में गवाही दें।

सार्वजनिक दस्तावेज़ों से नई जानकारी
अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में 3 मिलियन से अधिक पृष्ठों के दस्तावेज़ सार्वजनिक किए, जिनमें एंड्रू की एक तस्वीर भी शामिल है, जिसमें वह एक अज्ञात महिला के ऊपर घुटनों के बल खड़े दिखाए गए हैं। कुछ दस्तावेज़ों से यह भी पता चला कि एपस्टीन ने 15 वर्षों तक एंड्रू की पूर्व पत्नी सारा फर्ग्यूसन की वित्तीय मदद की।

पूर्व राजकुमार एंड्रू का मामला ब्रिटिश रॉयल परिवार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले हफ्तों में उनकी गवाही की संभावना पर सभी की निगाहें टिकी हैं।