पाकिस्तान के अधिकारियों ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के आह्वान पर एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। ये प्रदर्शनकारी राजधानी के डी-चौक पर इकट्ठा हुए थे और खान की रिहाई की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारी न्यायपालिका के साथ एकजुटता दिखा रहे थे। 

अधिकारियों ने प्रदर्शन को रोकने के लिए इस्लामाबाद और रावलपिंडी के कई हिस्सों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं निलंबित कीं। इमरान खान पिछले एक साल रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की थी कि वे राजधानी के प्रसिद्ध स्थान पर एकत्र हों। 

इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक सैयद अली नासिर रिजवी ने मीडिया से कहा कि पुलिस ने इस्लामाबाद के सभी एंट्री प्वाइंट को बंद कर दिया है और करीब 30 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा, हम कानून को अपने हाथ में लेने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे। 

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर के नेतृत्व में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के कार्यकर्ता डी-चौक की ओर बढ़ रहे थे। इस बीच गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि कोई भी कानून का उल्लंघन नहीं कर सकता है। नकवी ने कहा, कुछ अराजक तत्व राजनीतिक विरोध के नाम पर इस्लामाबाद में मार्च करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी उपाय किए हैं। 

गंडापुर सरकार की अपीलों को नजरअंदाज करते हुए पेशावर से इस्लामाबाद की ओर बढ़ने वाले वाहनों के एक काफिले का नेतृत्व कर रहे थे। लेकिन उन्होंने रास्तों में बैरिकेड का सामना करना पड़ा। काफिले में बैरिकेड को हटाने के उपकरण भी शामिल थे।