सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि देश आज 8 लाख करोड़ का क्रूड इम्पोर्ट करता है जो एक बड़ा चैलेंज बन चुका है. ऐसे समय जब पेट्रोल डीजल सबसे ज़्यादा प्रदूषण के कारक है. इसलिए हम लगातार एथनॉल, मेथनॉल, बायो सीएनजी, बायो डीज़ल, एलएनजी को प्रोमोट कर रहे हैं. गडकरी ने कहा कि हमारे सामने आंकड़े हैं कि देश मे शुगर, राइस सरप्लस है यानी शुगर की ज़रूरत 2.5 लाख टन है तो उत्पादन 3 लाख टन से ज़्यादा है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 480 करोड़ लीटर एथनॉल आज देश मे उत्पादन हो रहा है. विदर्भ में 2 लाख ली प्रति दिन बायो एथनॉल बन रहा है. जो आपके स्कूटर में 10 फ़ीसदी एथनॉल जाता है वो शुगर फैक्ट्री मे तैयार किया जाता है. राइस से एथनॉल बनाने की तैयारी और प्रोडूक्शन और तेज़ होगा.
सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य
आपको बता दें कि सड़क हादसों को कम करने के लिए अब सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य कर दिया है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क निर्माण के सभी चरणों में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य कर दिया गया है. केंद्रीय मंत्री गडकरी ने वाहन टक्कर सुरक्षा पर आयोजित वर्चुअल परिसंवाद का उद्घाटन करते हुए बताया कि भारत और अन्य विकासशील देशों में सड़क दुर्घटनाओं की दर बहुत अधिक है और हर साल लगभग 1.5 लाख लोग मारे जाते हैं, जो कि कोविड मौतों से भी अधिक है. उन्होंने आगे कहा कि उनका ²ष्टिकोण 2030 तक सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत की कमी और दुर्घटनाओं व मौतों को शून्य करना है.
60 प्रतिशत मौतें दुपहिया सवारों की होती
गडकरी ने कहा कि लगभग 60 प्रतिशत मौतें दुपहिया सवारों की होती हैं. उन्होंने कहा कि मोटरसाइकिल यातायात की सुरक्षा इस समय की मांग है. गडकरी ने आगे बताया कि वैश्विक परि²श्य में वाहन इंजीनियरिंग प्रौद्योगिकी काफी हद तक परिपक्व हो गई है और सभी सड़क इंजीनियरिंग उपायों से कम से कम दुर्घटना की घटना के दौरान घातक वाहन टक्कर की आशंका में सुधार होगा। इसके अलावा मंत्री ने वाहन चालकों के प्रशिक्षण व उन्नत प्रशिक्षण संस्थानों और केंद्रों की स्थापना के महत्व पर जोर दिया.