केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इन दिनों असम के दो दिवसीय दौरे पर हैं। डिब्रूगढ़ के खानिकर परेड ग्राउंड में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया। शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने असम की सांस्कृतिक पहचान माने जाने वाले ‘गमोसा’ का अनादर किया है।
राष्ट्रपति भवन के कार्यक्रम का जिक्र
अमित शाह ने बताया कि गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित ‘एट होम’ समारोह में सभी अतिथियों को सम्मानस्वरूप असम का पारंपरिक स्कार्फ गमोसा भेंट किया गया था। उनके अनुसार विदेशी मेहमानों से लेकर सभी प्रमुख नेताओं ने इसे अपनाया, लेकिन राहुल गांधी ने इसे पहनने से इनकार कर दिया। शाह ने कहा कि ऐसा करने वाले वे अकेले व्यक्ति थे।
पूर्वोत्तर की संस्कृति पर समझौता नहीं: शाह
गृह मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी अपनी व्यक्तिगत सोच के अनुसार निर्णय ले सकते हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी पूर्वोत्तर की संस्कृति और परंपराओं का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार असम की विरासत, सुरक्षा और विकास की पूरी तरह रक्षा करेगी।
उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि पार्टी को बताना चाहिए कि उसने लंबे शासनकाल में असम को हिंसा, अस्थिरता और युवाओं की कुर्बानियों के अलावा क्या दिया।
घुसपैठ पर कांग्रेस को घेरा
अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे पर भी कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक इस समस्या को अपने वोट बैंक की राजनीति के लिए इस्तेमाल किया। शाह ने दावा किया कि भाजपा सरकार आने के बाद अवैध घुसपैठ पर काफी हद तक नियंत्रण किया गया है और जो लोग अवैध रूप से देश में रह रहे हैं, उनकी पहचान कर उन्हें वापस भेजा जाएगा।
धेमाजी में बड़ा दावा: सात जिलों में बदला जनसंख्या संतुलन
धेमाजी में एक अन्य कार्यक्रम के दौरान शाह ने कहा कि कांग्रेस के लगभग 20 साल के शासन में असम के सात जिलों—धुबरी, बारपेटा, दरांग, मोरीगांव, बोंगाईगांव, नगांव और गोलपारा—में घुसपैठियों की संख्या तेजी से बढ़ी। उनके अनुसार इन इलाकों में अब करीब 64 लाख घुसपैठियों की आबादी हो चुकी है।
शाह ने लोगों से अपील की कि यदि वे इस समस्या से मुक्ति चाहते हैं, तो आगामी चुनाव में भाजपा को समर्थन दें। उन्होंने कहा कि युवाओं को हथियार उठाने की जरूरत नहीं, कानून व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार निभाएगी।