महाराष्ट्र। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर पार्टी के पास रहे विभागों पर अपना दावा पेश किया। इस मौके पर प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल फडणवीस के ‘वर्षा’ बंगले पहुंचे और मुख्यमंत्री से बातचीत की।
एनसीपी के सीनियर नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता उपमुख्यमंत्री और एनसीपी विधायक दल के नेता के रिक्त पदों को भरने की है। उन्होंने बताया कि अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता बनाया जा सकता है। इस पर परिवार की सहमति के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 2028 तक है। अगर उन्हें विधायक दल का नेता बनाया जाता है, तो उन्हें राज्यसभा की सीट छोड़नी होगी और पुणे जिले की बारामती विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ना होगा।
एनसीपी ने रविवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें सुनेत्रा पवार को नेता बनाने और शनिवार को नए पार्टी अध्यक्ष के चयन पर चर्चा होने की संभावना है। यह विधायक दल भाजपा और शिवसेना के साथ मिलकर महायुति गठबंधन का हिस्सा है।
अजित पवार के निधन के बाद उनके विभाग फिलहाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास हैं। जब तक एनसीपी कोटे से कोई नेता मंत्री पद की शपथ नहीं लेता, ये विभाग मुख्यमंत्री के अधीन रहेंगे। उल्लेखनीय है कि वित्त विभाग पहले 2022 से 2023 तक फडणवीस के पास था, लेकिन 2023 में महायुति में एनसीपी के शामिल होने के बाद यह अजित पवार के पास चला गया था।