दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, विमानन नियामक डीजीसीए और इंडिगो एयरलाइंस की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को जवाब तलब किया है। याचिका में संशोधित फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के तहत दी गई छूट को चुनौती दी गई है।

मामले की सुनवाई के दौरान डीजीसीए ने अदालत के समक्ष स्पष्ट किया कि किसी भी एयरलाइन के पायलटों को मिलने वाले अनिवार्य साप्ताहिक विश्राम में कोई रियायत नहीं दी गई है। नियामक की ओर से पेश अधिवक्ता अंजना गोसाईं ने बताया कि पायलटों के लिए साप्ताहिक अवकाश से जुड़े नियम पहले की तरह पूरी तरह प्रभावी हैं और उनमें कोई कटौती या शिथिलता नहीं की गई है।