संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से प्रारंभ होने जा रहा है। सत्र से पहले रविवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के प्रमुख नेता शामिल हुए। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष की सभी चिंताओं और सुझावों को सुनने का भरोसा दिया। वहीं, चर्चा के दौरान SIR (Secure Indian Results) का मुद्दा प्रमुख रहा, जिससे संकेत मिलते हैं कि सत्र में इस विषय पर तीखी बहस और हंगामा संभव है।
बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। सरकार ने विपक्ष को विश्वास में लेते हुए सत्र के दौरान लाए जाने वाले विधेयकों और संभावित मुद्दों की जानकारी साझा की। बैठक में राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू, अर्जुन मेघवाल, एल. मुरुगन, जेडीयू के संजय झा, कांग्रेस के प्रमोद तिवारी और जयराम रमेश, टीएमसी के डेरेक ओ’ब्रायन, आरजेडी के मनोज झा, बीजेडी के सस्मित पात्रा सहित कई दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक से पहले कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “अब वोट की चोरी नहीं, सीधे डकैती हो रही है।” तिवारी ने संकेत दिया कि पार्टी आतंकवाद, विदेश नीति और सुरक्षा से जुड़े मामलों को भी सत्र में जोरदार ढंग से उठाएगी।
सूत्रों के अनुसार, SIR प्रणाली को लेकर विपक्ष ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा। कांग्रेस के बाद समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके ने भी इस मुद्दे को आक्रामक रूप से उठाया, जिससे साफ है कि शीतकालीन सत्र गर्म रहने वाला है। हालांकि, जेडीयू के संजय झा ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष पहले भी इस मुद्दे पर हंगामा कर चुका है, लेकिन कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला।
शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा। 19 दिनों में कुल 15 बैठकें होंगी, और एटॉमिक एनर्जी बिल सहित 10 नए विधेयक पेश किए जाने की संभावना है। वहीं विपक्ष SIR मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।