गुवाहाटी। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के नारे ‘नतुन बोर असम’ पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और सवाल उठाया है कि क्या पार्टी अपने नए ग्रेटर असम में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को असमिया समाज का हिस्सा मानना चाहती है।
सरमा ने इसे खतरनाक नारा करार देते हुए कांग्रेस से सार्वजनिक स्पष्टीकरण मांगा। ताई-आहोम समुदाय के पर्व मी-डैम-मी-फी के मौके पर उन्होंने कहा कि असम का ‘बोर असम’ कोई नया विचार नहीं है, इसकी नींव 600 साल पहले स्वर्गदेव चाउ लुंग सिउ-का-फा ने रखी थी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मिया वोट बैंक के लिए बंगाली-भाषी मुस्लिम घुसपैठियों को असमिया पहचान में शामिल करने की कोशिश कर रही है।
सरमा ने आगे कहा कि भाजपा न होती तो कांग्रेस ग्रेटर असम को मियाओं के हवाले कर देती। उन्होंने सत्रों की जमीन पर कब्जा, भूमि अतिक्रमण और ‘लव जिहाद’ जैसी घटनाओं का भी जिक्र करते हुए इसे असमिया समाज के अस्तित्व की लड़ाई बताया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर को भी चेतावनी दी। कथित हेट स्पीच मामले में दर्ज शिकायत के संदर्भ में सरमा ने कहा कि मंदर के खिलाफ वे कम से कम 100 मुकदमे दर्ज कर सकते हैं और एनआरसी प्रक्रिया में बाधा डालने के आरोप को दोहराया।