मणिपुर। राज्य में पिछले तीन वर्षों से जारी जातीय संघर्ष के बीच मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शनिवार शाम गुवाहाटी में कुकी-जो काउंसिल के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बंद कमरे में लगभग पौने दो घंटे चली इस बैठक में दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय शांति और आपसी समझ के मुद्दों पर चर्चा की।
मई 2023 में भड़की हिंसा के बाद यह पहला मौका है जब मुख्यमंत्री और कुकी-जो समुदाय के शीर्ष नेतृत्व ने आमने-सामने बातचीत की। शांति प्रक्रिया की दिशा में यह कदम विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।
कुकी समुदाय की प्रमुख मांगें
बैठक में कुकी-जो प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी शर्तें रखीं। उन्होंने कहा कि संघर्ष में हुए पीड़ितों को न्याय मिलना शांति प्रक्रिया की पहली शर्त है। साथ ही, कुकी और तांगखुल समुदायों के बीच हाल के तनाव को कम करना और 'बफर ज़ोन' की स्थिति बनाए रखना आवश्यक है।
प्रतिनिधिमंडल ने उग्रवादी समूहों के साथ जारी सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस वार्ता को जल्दी निष्पादित करने पर भी जोर दिया, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित हो सके।
मुख्यमंत्री का बयान
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कुकी-जो नेताओं की बात धैर्यपूर्वक सुनी और अपनी सरकार की ओर से शांति बहाली के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद काउंसिल द्वारा संवाद का विकल्प चुनना सराहनीय है।
जान-माल की क्षति और राहत शिविर
मई 2023 से अब तक मणिपुर में 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग अभी भी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों की आशा है कि गुवाहाटी में हुई इस बैठक का परिणाम केवल शांति ही होगा।