नई दिल्ली। नीट-2026 परीक्षा की गोपनीय सामग्री के सुरक्षित परिवहन और वितरण की जिम्मेदारी इस बार केंद्रीय अर्धसैनिक बलों सीआरपीएफ और सीआईएसएफ को सौंपी गई है। दोनों बल मिलकर परीक्षा सामग्री को देश के 551 शहरों तक सुरक्षित और लीक-प्रूफ तरीके से पहुंचाएंगे।

सूत्रों के अनुसार, जिन हवाई जहाजों और अन्य वाहनों से प्रश्न पत्रों का परिवहन होगा, उनमें भी सीएपीएफ के जवान तैनात रहेंगे ताकि सुरक्षा की दोहरी परत सुनिश्चित की जा सके।

दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू

एनटीए के आग्रह के बाद यह व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की गई है। इसके तहत परीक्षा सामग्री के ट्रांसपोर्टेशन और हैंडलिंग के लिए दो-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू की जाएगी, जिसमें केंद्रीय बलों की सक्रिय भूमिका होगी।

गोपनीय सामग्री को हैदराबाद और अहमदाबाद स्थित ओरिजिन हब से ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल के जरिए देशभर के 551 शहरों तक पहुंचाया जाएगा। इस नेटवर्क में लेग-1, लेग-2 और लेग-3 हब शामिल होंगे, जहां से सामग्री आगे भेजी जाएगी।

एयर और रोड ट्रांसपोर्ट दोनों का इस्तेमाल

इस पूरी प्रक्रिया में हवाई और सड़क दोनों माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। एयरपोर्ट, हेलीपैड और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सीएपीएफ की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी ताकि हर चरण पर सुरक्षा बनी रहे।

प्रश्न पत्रों के साथ-साथ परीक्षा के बाद ओएमआर शीट्स की वापसी (रिवर्स लॉजिस्टिक्स) भी इसी सुरक्षा व्यवस्था के तहत की जाएगी।

विमान में भी रहेंगे सुरक्षा कर्मी

नियमानुसार, जिन विमानों या हेलीकॉप्टरों से परीक्षा सामग्री का परिवहन होगा, उनमें सीआरपीएफ और सीआईएसएफ के चयनित जवान भी मौजूद रहेंगे। एयरफोर्स की गाइडलाइन के अनुसार, ड्यूटी के दौरान हथियार साथ रखने वाले जवानों को विमान में चढ़ने से पहले हथियार जमा कराने होंगे, जिन्हें सुरक्षित रखकर गंतव्य पर वापस किया जाएगा।

नोडल अधिकारी और समन्वय व्यवस्था

सुरक्षा और समन्वय को मजबूत बनाने के लिए सीआरपीएफ और सीआईएसएफ मुख्यालय में एक-एक नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा। ये अधिकारी डाक विभाग और एनटीए के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।

एनटीए की ओर से आशीष गुप्ता को कोऑर्डिनेशन के लिए नोडल संपर्क अधिकारी नियुक्त किया गया है।

11 जून से 21 जून तक विशेष सुरक्षा अभियान

प्रश्न पत्रों के परिवहन के लिए सीएपीएफ की तैनाती 11 जून से शुरू होकर 19 जून तक चलेगी। इसके बाद 21 जून को परीक्षा के बाद ओएमआर शीट्स और अन्य सामग्री की वापसी प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें भी सुरक्षा बलों की तैनाती जारी रहेगी।