चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने निजी स्कूलों की फीस व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के सभी निजी स्कूलों को अपने नोटिस बोर्ड पर ट्यूशन फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करनी होगी। यह फीस सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार होगी।
स्कूल शिक्षा विभाग ने यह निर्णय उन शिकायतों के बाद लिया है, जिनमें कई निजी स्कूलों पर तय सीमा से अधिक शुल्क वसूलने के आरोप लगाए गए थे।
तय सीमा से अधिक फीस पर सख्त कार्रवाई
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूल 4 जून से नए सत्र के लिए खुल रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई निजी स्कूल निर्धारित फीस से अधिक राशि वसूलता पाया गया, तो उसकी मान्यता रद्द की जा सकती है।
तमिलनाडु में वर्तमान में 13,000 से अधिक मान्यता प्राप्त निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं।
छिपी फीस पर रोक के निर्देश
अधिकारियों ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अभिभावकों से किसी भी प्रकार की छिपी हुई प्रवेश या अन्य फीस न लें। यह नियम तमिलनाडु स्कूल (फीस संग्रह का विनियमन) संशोधन अधिनियम के तहत लागू किया गया है।
इस कानून के तहत गठित समिति, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षाविद शामिल हैं, स्कूल फीस के मानक तय करती है।
शिकायत करने की सुविधा भी उपलब्ध
अधिकारी ने बताया कि यदि किसी अभिभावक को लगता है कि कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन कर अधिक फीस वसूल रहा है, तो वे संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।