कोलकाता। पश्चिम बंगाल में धान-चावल वितरण, आपदा राहत सामग्री और रेत से जुड़े मामलों में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बाद चार सरकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद की गई है।

धान-चावल आपूर्ति में गड़बड़ी के आरोप

खाद्य विभाग के सूत्रों के अनुसार वर्ष 2023-24 के दौरान धान संग्रह और चावल आपूर्ति प्रणाली में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि सरकारी धान के बदले राइस मिलों से निर्धारित मात्रा में चावल की वसूली नहीं की गई।

इस मामले में दो जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों पर निगरानी और प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही के आरोप लगे हैं। जांच के बाद दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और संबंधित राइस मिलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

तिरपाल वितरण में भी अनियमितता

आपदा प्रबंधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी पर तिरपाल वितरण से जुड़े रिकॉर्ड में गड़बड़ी के आरोप पाए गए हैं। बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में वितरित राहत सामग्री का सही लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया गया था।

प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद संबंधित अधिकारी को भी निलंबित कर दिया गया है।

रेत खनन मामले में भी कार्रवाई

इसी तरह बीरभूम जिले में रेत उत्खनन और उससे जुड़े प्रशासनिक कार्यों में अनियमितताओं के आरोप में एक बीएलआरओ (BLRO) को भी निलंबित किया गया है। जांच में आरोपों के शुरुआती सबूत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।

सरकार की सख्त नीति के तहत कदम

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। इसी नीति के तहत संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है और आगे की जांच जारी है।