पीएम मोदी ने बुधवार को ब्रिक्स समिट को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स विभाजनकारी नहीं जनहितकारी है. वैश्विक संस्थाओं में सुधार के लिए आवाज उठानी होगी. हम सुरक्षित समृद्ध भविष्य के लिए सक्षम हैं. इस दौरान पीएम ने आतंकवाद के खिलाफ भी आवाज उठाई. उन्होंने कहा कि हमें आतंकवाद और टेरर फंडिंग से मजबूती से लड़ना होगा. हमें युवाओं को कट्टरपंथ की ओर जाने से रोकना होगा. भारत युद्ध नहीं संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है.
पीएम मोदी ने कहा, आज की बैठक के शानदार आयोजन के लिए मैं राष्ट्रपति पुतिन का आभार व्यक्त करता हूं. मुझे बहुत खुशी है कि हम पहली बार विस्तारित ब्रिक्स परिवार के रूप में मिल रहे हैं. ब्रिक्स परिवार से जुड़े सभी नए सदस्यों का मैं हार्दिक स्वागत करता हूँ. पिछले एक साल में रूस की सफल अध्यक्षता के लिए मैं राष्ट्रपति पुतिन का अभिनंदन करता हूं.
ब्रिक्स विभाजनकारी नहीं, जनहितकारी समूह
पीएम ने कहा, हमारी बैठक एक ऐसे समय में हो रही है जब विश्व युद्धों, संघर्षों, आर्थिक अनिश्चितता, क्लाइमेट चेंज और आतंकवाद जैसी अनेक चुनौतियों से घिरा हुआ है. विश्व में नार्थ-साउथ और पूर्व-पश्चिम विभाजन की बात हो रही है. महंगाई पर रोकथाम, फूड सिक्योरिटी, एनर्जी सिक्योरिटी, हेल्थ सिक्योरिटी और वाटर सिक्योरिटी सभी देशों के लिए प्राथमिकता के विषय हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी के युग में, साइबर सिक्यूरिटी, डीप फेक, दुष्प्रचार जैसी नई चुनौतियां बन गई हैं. ऐसे में ब्रिक्स को लेकर बहुत अपेक्षाएं हैं. मेरा मानना है कि एक विविध एवं समावेशी प्लेटफॉर्म के रूप में ब्रिक्स सभी विषयों पर सकारात्मक भूमिका अदा कर सकता है. इस मामले में हमारी सोच लोगों पर केंद्रित होनी चाहिए. हमें विश्व को यह संदेश देना चाहिए कि ब्रिक्स विभाजनकारी नहीं, जनहितकारी समूह है.
पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि हम युद्ध नहीं, डायलॉग और डिप्लोमेसी का समर्थन करते हैं. जिस तरह हमने मिलकर कोविड जैसी चुनौती को परास्त किया, उसी तरह हम भावी पीढ़ी के सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध भविष्य के लिए नए अवसर पैदा करने में पूरी तरह सक्षम हैं.
हमें साइबर सिक्योरिटी के लिए काम करना चाहिए
पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद और टेरर फंडिंग से निपटने के लिए हम सभी को एकमत होकर दृढ़ता से सहयोग देना होगा. ऐसे गंभीर विषय पर दोहरे मापदंड के लिए कोई स्थान नहीं है. हमारे देशों के युवाओं में कट्टरपंथ को रोकने के लिए हमें सक्रिय रूप से कदम उठाने चाहिए. यूएन में कंप्रिहेंसिव कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल टेररिज्म के लंबित मुद्दे पर हमें मिलकर काम करना होगा.
इसके साथ ही हमें साइबर सिक्योरिटी के साथ ही सुरक्षित एआई के लिए काम करना चाहिए. ब्रिक्स ऐसा संगठन है जो समय के अनुसार खुद में बदलाव करने की इच्छाशक्ति रखता है. पीएम मोदी ने कहा कि हमें यूएनएससी (संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद) और डब्ल्यूटीओ (विश्व व्यापार संगठन) जैसे संगठनों में सुधार के लिए समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ना चाहिए.
विश्व को सहयोग की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा दे रहा ब्रिक्स
पीएम ने कहा, ग्लोबल साउथ की आशाओं, अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए. आज ब्रिक्स विश्व को सहयोग की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा दे रहा है. मेरा मानना है कि समावेशी मंच के रूप में ब्रिक्स हर मुद्दे पर सकारात्मक भूमिका निभा सकता है. भारत नए देशों का ब्रिक्स पार्टनर कंट्री के रूप में स्वागत करने के लिए तैयार है.
उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी फैसले सर्वसम्मति से होने चाहिए और ब्रिक्स के फाउंडिंग मेंबर के विचारों का सम्मान करना चाहिए. जोहान्सबर्ग समिट में जो गाइडिंग प्रिंसिपल्स, मानदंड और प्रक्रियाओं को हमने अपनाया था, उनका पालन सभी सदस्य और पार्टनर देशों को करना चाहिए.