पश्चिम बंगाल सरकार ने मंगलवार को मंत्रिपरिषद के विभागों का आधिकारिक बंटवारा करते हुए नई अधिसूचना जारी की। राजभवन की ओर से जारी आदेश के अनुसार मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अपने पास कई अहम मंत्रालय रखेंगे। इनमें गृह एवं पर्वतीय मामले, भूमि एवं भूमि सुधार, शरणार्थी राहत एवं पुनर्वास, ऊर्जा, सूचना एवं संस्कृति तथा कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग शामिल हैं। इसके अलावा जिन विभागों का आवंटन किसी अन्य मंत्री को नहीं किया गया है, उनका प्रभार भी मुख्यमंत्री के पास ही रहेगा।

मंत्रिमंडल में निशीथ प्रामाणिक को उत्तर बंगाल विकास और जल संसाधन जांच एवं विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं अशोक किरतानिया को खाद्य एवं आपूर्ति के साथ सहकारिता विभाग का प्रभार दिया गया है। दिलीप घोष पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा कृषि विपणन विभाग संभालेंगे, जबकि खुदीराम टुडू को आदिवासी विकास, अल्पसंख्यक मामले और मदरसा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिली है। अग्निमित्रा पाल को शहरी विकास एवं नगर मामलों का विभाग सौंपा गया है।

नई अधिसूचना के तहत दीपक बर्मन को स्कूल शिक्षा, आवास और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग दिए गए हैं। तापस रॉय उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम, सार्वजनिक उपक्रम, औद्योगिक पुनर्निर्माण और गैर-पारंपरिक एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभागों की देखरेख करेंगे। शंकर घोष को पर्यटन और संसदीय कार्य विभाग का दायित्व मिला है।

इसके अलावा मनोज कुमार उरांव को वन एवं पर्यावरण विभाग सौंपा गया है, जबकि अर्जुन सिंह को श्रम और परिवहन मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। जगन्नाथ चट्टोपाध्याय उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग का कार्यभार संभालेंगे। स्वपन दासगुप्ता को वित्त मंत्रालय दिया गया है।

सरकार ने कल्याण चक्रवर्ती को सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण एवं बागवानी विभागों का प्रभार सौंपा है। वहीं शरदवत मुखर्जी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री होंगे। अरूप कुमार दास सिंचाई एवं जलमार्ग विभाग का नेतृत्व करेंगे, जबकि अजय कुमार पोद्दार को लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी और लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। दूध कुमार मंडल को कृषि विभाग का कार्यभार सौंपा गया है।