नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र में लगातार 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं को संबोधित करते हुए इसे अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे गठबंधन और करोड़ों कार्यकर्ताओं की सामूहिक सफलता बताया। उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास और एनडीए परिवार के सहयोग से देश ने बीते वर्षों में विकास और स्थिरता की नई मिसाल कायम की है।

एनडीए नेताओं की बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि देशवासियों ने राजनीतिक स्थिरता के महत्व को समझते हुए लगातार उनकी सरकार को सेवा का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश लंबे समय तक राजनीतिक अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजरा, जिसका असर विकास पर भी पड़ा। लेकिन पिछले वर्षों में लोगों ने एक स्थिर और निर्णय लेने वाली सरकार का कामकाज देखा है।

जनता के भरोसे ने बदली तस्वीर

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में जब एनडीए सत्ता में आया था, तब देश में नई उम्मीदों का माहौल बना था। लोगों ने सरकार पर भरोसा जताया और उस भरोसे को मजबूत करना एनडीए की जिम्मेदारी थी। उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियों का असर जमीनी स्तर पर दिखाई दिया है और करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव आया है।

मोदी ने कहा कि बीते 12 वर्षों में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, जो सरकार की योजनाओं और नीतियों की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल लोगों को गरीबी से बाहर निकालना नहीं, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के अवसर भी देना है।

विकसित भारत अब राष्ट्रीय संकल्प

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य अब किसी एक राजनीतिक दल का एजेंडा नहीं, बल्कि पूरे देश का साझा सपना बन चुका है। उन्होंने कहा कि युवाओं, महिलाओं, किसानों और मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है और इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक देश को धीमी विकास दर और नीति-गत कमजोरियों का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, एनडीए सरकार ने निर्णय क्षमता और स्पष्ट नीतियों के जरिए विकास की रफ्तार को नई दिशा दी है।

विकास के आंकड़ों का किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बुनियादी ढांचे और डिजिटल क्षेत्र में हुए विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2014 की तुलना में देश में हवाई अड्डों, एक्सप्रेसवे और मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। डिजिटल क्रांति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या कई गुना बढ़ी है और डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत विश्व के अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है।

उन्होंने यह भी कहा कि मोबाइल निर्माण, रक्षा निर्यात और एथनॉल मिश्रण जैसे क्षेत्रों में देश ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। सरकार ने कौशल विकास, सहकारिता और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों के लिए अलग मंत्रालय बनाकर विकास को नई गति देने का प्रयास किया है।

मध्यम वर्ग को मिली राहत

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने मध्यम वर्ग की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कई फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि आयकर व्यवस्था में राहत, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और जीएसटी सुधारों का लाभ इस वर्ग को मिला है। आयुष्मान भारत योजना के दायरे को बढ़ाने और स्वास्थ्य बीमा को अधिक सुलभ बनाने जैसे कदम भी इसी दिशा में उठाए गए हैं।

बड़े फैसलों का भी किया उल्लेख

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार ने कई ऐसे निर्णय लिए जिन्हें पहले मुश्किल माना जाता था। उन्होंने अनुच्छेद 370 को हटाने, उत्तर-पूर्व में शांति बहाली, आतंकवाद के खिलाफ सर्जिकल और एयर स्ट्राइक जैसी कार्रवाइयों का उल्लेख किया।

इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं को आरक्षण, तीन तलाक पर कानून, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), भारतीय न्याय संहिता और वन रैंक-वन पेंशन जैसी पहलों को भी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है और भविष्य में भी देश के विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फैसले लिए जाते रहेंगे।