प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत मंडपम में आयोजित विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद–2026 के समापन सत्र में युवाओं को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज़ादी के 100 वर्ष पूरे होने तक का सफर भारत के लिए बेहद निर्णायक है और यही कालखंड देश के युवाओं के जीवन में भी सबसे अहम साबित होने वाला है। उन्होंने युवाओं से कहा कि उनकी क्षमता ही देश की ताकत बनेगी और उनकी उपलब्धियां भारत की प्रगति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।

स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए याद दिलाया कि आज स्वामी विवेकानंद की जयंती है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को दिशा देने वाले हैं। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, समाज के लिए काम करने और जीवन के लक्ष्य को स्पष्ट करने की सीख उनके जीवन से मिलती है, जो आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शक है।

युवाओं की ताकत पर जताया भरोसा

पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि कम समय में यह संवाद देश का एक बड़ा मंच बनकर उभरा है, जहां युवाओं को देश के विकास से जुड़े फैसलों में सीधी भागीदारी मिल रही है। करोड़ों युवाओं का इससे जुड़ना और अपने विचार साझा करना अपने आप में एक नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि उन्हें देश के युवाओं की क्षमता पर पूरा भरोसा है और इसी विश्वास के चलते सरकार ने युवाओं को केंद्र में रखकर नई नीतियां और योजनाएं तैयार की हैं, जिससे स्टार्टअप आंदोलन को वास्तविक गति मिली।

गुलामी की सोच से बाहर निकलने का आह्वान

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें संस्कृति, कंटेंट और रचनात्मकता की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में शुरू हुए सुधारों की प्रक्रिया अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी है और इन बदलावों के केंद्र में देश की युवा शक्ति है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे संकल्प लेकर देश को गुलामी की मानसिकता से बाहर निकालने में अपनी भूमिका निभाएं।