मुंबई: शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) अध्यक्ष राज ठाकरे ने रविवार को शिवसेना भवन में मुंबई नगर निगम चुनाव के लिए अपना संयुक्त घोषणापत्र पेश किया। दोनों नेताओं ने शिवसेना, MNS और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के सहयोग से ‘शिव शक्ति की प्रतिज्ञा’ के तहत चुनावी योजनाओं की घोषणा की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने सत्ताधारी दल पर तीखे आरोप भी लगाए।

महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष योजनाएँ
उद्धव ठाकरे ने बताया कि महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। घरेलू नौकरानी के रूप में काम करने वाली महिलाओं का पंजीकरण कर उन्हें प्रति माह 1500 रुपये की ‘स्वाभिमान निधि’ दी जाएगी। इसके अलावा कामकाजी माता-पिता के लिए डेकेयर सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

बालासाहेब ठाकरे स्वरोजगार योजना के तहत 1 लाख युवाओं को 25 हजार से 1 लाख रुपये तक का स्वयम् रोजगार सहायता फंड मिलेगा। 25 हजार गिग वर्कर्स और डिब्बेवालों के लिए ई-बाइक पर ब्याज रहित ऋण भी प्रदान किया जाएगा।

सार्वजनिक सेवाओं और सुविधा सुधार
घोषणापत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और नागरिक सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। नगर निगम के स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिसमें जूनियर कॉलेज तक पढ़ाई की सुविधा शामिल है। ‘मराठी स्कूल स्पीकस मराठी’ नामक डिजिटल पहल के तहत हंसी और खेल के माध्यम से मराठी भाषा सिखाई जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 5 नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बनाए जाएंगे। रैपिड बाइक मेडिकल असिस्टेंट एम्बुलेंस सेवा शुरू होगी।

बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाएँ
सड़कों के निर्माण में 15 साल की वारंटी लागू होगी, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनेंगे और पानी की कीमत स्थिर रखी जाएगी। नगर निगम की पार्किंग स्थलों में निःशुल्क पार्किंग का प्रावधान किया जाएगा। प्रत्येक वार्ड में मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और दादा-दादी के लिए खेल के मैदान बनाए जाएंगे।

शहरवासियों के लिए राहत योजनाएँ
मुंबई के नागरिकों को 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी। महिलाओं और छात्रों के लिए BEST बसों में विशेष निःशुल्क यात्रा की सुविधा होगी। BEST बसों के टिकट की कीमतें 5, 10, 15 और 20 रुपये पर स्थिर रखी जाएंगी। इसके अलावा शहर में 10,000 इलेक्ट्रिक बस और 900 इलेक्ट्रिक डबल डेकर बसें चलाने का प्रस्ताव रखा गया है।

भाजपा पर निशाना
उद्धव और राज ठाकरे ने कहा कि मनमोहन सिंह ने मुंबई को आर्थिक केंद्र बनाया था, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे गुजरात को दे दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनके नेतृत्व में मुंबई में एक नया आर्थिक केंद्र विकसित किया जाएगा।