यमन के तट के पास फंसे 14 भारतीय नागरिक सुरक्षित, भारतीय दूतावास ने दी जानकारी

HIGHLIGHTS
- भारतीय दूतावास ने एक्स पोस्ट के जरिए नागरिकों की सुरक्षा की जानकारी दी।
- इससे पहले दूतावास ने 14 भारतीयों के बारे में पुख्ता जानकारी नहीं होने की बात कही थी।
- हूती विद्रोहियों ने नाव पर हमले के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया।
मुंबई। यमन के तट के पास एक नौका से जुड़ी घटना में शामिल सभी 14 भारतीय नागरिक सुरक्षित बताए जा रहे हैं। यमन स्थित भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को दावा किया था कि वे 14 भारतीयों को ले जा रही एक नाव को बचा रहे हैं। इस नाव पर बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास जबल ज़ुकार द्वीप के नजदीक हमला हुआ था। हूती विद्रोहियों ने इस हमले के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि, सऊदी अधिकारियों की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
भारतीय दूतावास ने क्या बताया?
यमन स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “रिपोर्टों से पता चलता है कि सभी 14 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और यमन के होदेइदाह के आसपास हैं। हम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम जारी रखेंगे।”
दूतावास ने इस मामले में इससे अधिक जानकारी साझा नहीं की। इससे पहले दूतावास ने कहा था कि 14 भारतीयों के बारे में कोई पुख्ता जानकारी उपलब्ध नहीं है। साथ ही, घटना से जुड़ी परिस्थितियों और तथ्यों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में संघर्ष के बाद कई भारतीय नाविकों की मौत
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत दुनिया में समुद्री कर्मियों यानी नाविकों की आपूर्ति करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है। वैश्विक शिपिंग बेड़ों में 3,00,000 से अधिक भारतीय नाविक काम कर रहे हैं।
फरवरी में मिडिल ईस्ट में संघर्ष शुरू होने के बाद से खाड़ी और पश्चिमी एशिया के व्यापक समुद्री क्षेत्र में एक दर्जन से ज्यादा भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन अन्य लापता हैं।
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करने वाले सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष उस समय तेज हुआ, जब हूती समूह लाल सागर के मुहाने पर स्थित महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बाब अल-मंदेब की ओर आगे बढ़ा।
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