राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं को दिया संदेश, कहा- सफलता को राष्ट्र सेवा से जोड़ें

HIGHLIGHTS
- युवाओं को पढ़ने, सीखने और अपने कौशल को निखारने की सलाह
- नुआखाई मिलन में संस्कृति, एकता और कृषि परंपराओं का संदेश
- असफलताओं से सीखकर आगे बढ़ने पर राष्ट्रपति ने दिया जोर
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं से किताबें पढ़ने, बड़े सपने देखने और अपने विचारों को ऊंचा रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी सफलता को समाज और राष्ट्र की सेवा से जोड़ना चाहिए। परिस्थितियां और चुनौतियां भले ही अलग-अलग हों, लेकिन हर युवा के भीतर कुछ नया करने, बेहतर बनाने और अपनी अलग पहचान स्थापित करने की इच्छा होनी चाहिए। राष्ट्रपति ने ये बातें रायपुर में आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम में कहीं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि नुआखाई मिलन महज एक सांस्कृतिक समारोह नहीं है, बल्कि यह समृद्ध परंपराओं, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने, सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और भारतीय जीवन मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर देते हैं।
उन्होंने कहा कि नुआखाई कृषि परंपराओं को संरक्षित करने, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और सामुदायिक भावना को मजबूत करने वाला पर्व है। अन्न केवल भूख मिटाने का साधन नहीं, बल्कि किसानों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक भी है। अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सेवा-भाव के साथ आगे बढ़ें युवा
राष्ट्रपति ने युवाओं को सलाह दी कि वे जीवन में सीखना कभी बंद न करें। उन्हें पुस्तकें पढ़नी चाहिए, सवाल पूछने चाहिए, नई चीजों को समझना चाहिए और अपने ज्ञान व कौशल को लगातार विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने लक्ष्य निर्धारित कर चुनौतियों का साहस के साथ सामना करना चाहिए।
द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सफलता और असफलता जीवन का हिस्सा हैं। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर खुद में सुधार करना चाहिए और आगे बढ़ते रहना चाहिए। युवाओं को ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव को भी अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र का निर्माण केवल बड़े फैसलों से नहीं होता, बल्कि करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयास भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रत्येक युवा को अपना काम ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ करना चाहिए। ये गुण विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में युवाओं के योगदान को और मजबूत बनाएंगे।
जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां अब विकास का उजियारा
राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में हो रहे सकारात्मक बदलावों पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रदेश के युवा नक्सलवाद के भटकाव से बाहर निकलकर मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जहां पहले आतंक का अंधेरा था, वहां अब विकास का उजियारा फैल रहा है। इस बदलाव से युवाओं और उनके परिवारों का कल्याण हो रहा है। साथ ही, छत्तीसगढ़ और पूरे देश के विकास को भी गति मिल रही है।
नुआखाई हमारी समृद्ध कृषि संस्कृति का प्रतीक: मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नुआखाई हमारी समृद्ध कृषि संस्कृति, नई फसल के स्वागत और धरती माता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का पर्व है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सदियों पुराने सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, ओड़िया समाज ने अपनी मेहनत, सादगी और सेवाभाव से छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नुआखाई के पावन अवसर पर सेवा सम्मान और युवा प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन सांस्कृतिक परंपराओं को समाज सेवा और युवा सशक्तीकरण से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
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