भारत में दोगुनी हो जापानी कंपनियों की संख्या, पीयूष गोयल बोले- 1,580 सुजुकी जैसी कंपनियां बनें

HIGHLIGHTS
- भारत और जापान इस वर्ष राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।
- भारत में सक्रिय जापानी कंपनियों की संख्या इस दशक में दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है।
- भारत की अर्थव्यवस्था को 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य बताया गया।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और जापान के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कारोबारी सहयोग को अगले दशक में नई ऊंचाई तक ले जाने की जरूरत है। गोयल ने जापान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (JCCI) की जापान-इंडिया बिजनेस कंसल्टेटिव कमेटी (JIBCC) और भारतीय दूतावास की राउंड टेबल बैठक में यह बात कही।
गोयल ने कहा कि भारत और जापान इस वर्ष राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं और इसे 'इंडिया-जापान ईयर ऑफ शेयर्ड होराइजंस' के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों की साझेदारी के भविष्य और अगले दशक में कारोबारी सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा का बेहतर अवसर है।
दोगुनी हो जापानी कंपनियों की मौजूदगी
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत में पहले से ही बड़ी संख्या में जापानी कंपनियां काम कर रही हैं। उनका लक्ष्य इस दशक में भारत में सक्रिय जापानी कंपनियों की संख्या मौजूदा स्तर से दोगुनी करना है। उन्होंने कहा कि भारत लगातार सुधार के सिद्धांत पर आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में जापान को साझेदार के तौर पर देखता है।
गोयल के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था आज करीब चार ट्रिलियन डॉलर की है और 2047 तक इसे 30 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
भारत में बनें 1,580 'सुजुकी' जैसी कंपनियां
गोयल ने भारत की युवा आबादी को देश की बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि यहां कामकाजी आबादी की औसत उम्र 30 वर्ष से कम है और आने वाले कई दशकों तक यह आबादी युवा बनी रहने की उम्मीद है।
उन्होंने जापानी कंपनी सुजुकी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में कंपनी ने पिछले चार दशकों में लंबा सफर तय किया है और आज उसके बड़े तथा लाभदायक कारोबार में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है। गोयल ने कहा कि वह भारत में प्रतिनिधित्व करने वाली 1,580 कंपनियों से भी इसी तरह की सफलता की उम्मीद करते हैं और चाहते हैं कि भारत से 1,580 सुजुकी जैसी कंपनियां विकसित हों।
8-9 देशों के समूहों से FTA पर बातचीत
गोयल ने बताया कि भारत फिलहाल 8-9 देशों या देशों के समूहों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बातचीत कर रहा है। इन संभावित समझौतों से करीब 15 ट्रिलियन डॉलर की अतिरिक्त अर्थव्यवस्था तक बाजार पहुंच मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में भारत ने नौ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। इन समझौतों के जरिए करीब 60 ट्रिलियन डॉलर की संयुक्त GDP वाली 38 विकसित अर्थव्यवस्थाओं तक पहुंच बनी है। जापान, दक्षिण कोरिया और ASEAN क्षेत्र के साथ पहले हुए व्यापार समझौतों से भी करीब 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंच उपलब्ध हुई है।
गोयल के मुताबिक, आगामी समझौतों के बाद भारत के FTA नेटवर्क के जरिए दुनिया के करीब 75 प्रतिशत व्यापार को कवर करने का लक्ष्य है। इससे भारत वैश्विक वैल्यू चेन में एक भरोसेमंद साझेदार के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत कर सकेगा।
डेटा सेंटर, मैन्युफैक्चरिंग और AI में निवेश के अवसर
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में डेटा सेंटर, विनिर्माण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में निवेश के बड़े अवसर मौजूद हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत और जापान के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों का लाभ दोनों देशों को मिले और द्विपक्षीय व्यापार अधिक संतुलित दिशा में आगे बढ़े।
गोयल भारत-जापान व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देने के लिए 200 से अधिक प्रतिनिधियों वाले बड़े कारोबारी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
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