जौहर विवि विवाद के बीच रामपुर में 11 सितंबर तक निषेधाज्ञा लागू, धरना-प्रदर्शन पर रोक

HIGHLIGHTS
- जौहर विवि विवाद के बीच रामपुर में 11 सितंबर तक निषेधाज्ञा लागू, बिना अनुमति धरना, प्रदर्शन और रैली पर प्रशासन ने रोक लगाई।
- 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश के विरोध में छात्रों का आंदोलन जारी, सुमैया राणा समेत कई सपा नेताओं ने धरना स्थल पहुंचकर समर्थन दिया।
- प्रशासन ने शांति व्यवस्था के लिए सख्ती बढ़ाई, सोशल मीडिया अफवाह, ड्रोन उड़ाने और परीक्षा केंद्रों के आसपास प्रतिबंधित गतिविधियों पर रोक लगाई।
जौहर विश्वविद्यालय के छात्रों के धरना-प्रदर्शन के बीच रामपुर जिले में प्रशासन ने 11 सितंबर तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि आगामी त्योहारों, धार्मिक कार्यक्रमों और परीक्षाओं को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किसी भी तरह का धरना-प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
एडीएम प्रशासन डॉ. नितिन मदान की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि चेहल्लुम, स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, ईद-ए-मिलाद समेत अन्य आयोजनों को देखते हुए बिना अनुमति धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली, पदयात्रा, जनसभा, नुक्कड़ सभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, घेराव और नारेबाजी पर रोक रहेगी।
आदेश के अनुसार, यदि किसी कार्यक्रम की अनुमति दी जाती है तो आयोजकों को निर्धारित स्थान, मार्ग और समय का पालन करना होगा। सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों का प्रदर्शन, हर्ष फायरिंग, भड़काऊ भाषण, पुतला दहन, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाली या सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाली पोस्ट, बिना अनुमति लाउडस्पीकर का इस्तेमाल और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक तय सीमा से अधिक ध्वनि करने पर प्रतिबंध रहेगा।
इसके अलावा बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर भी रोक लगाई गई है। परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, फोटोस्टेट, साइबर कैफे और अन्य प्रतिबंधित गतिविधियों पर रोक रहेगी। नकल, अनुचित साधनों के इस्तेमाल और परीक्षा व्यवस्था में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एडीएम ने बताया कि आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा-223 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुमैया राणा पहुंचीं धरना स्थल, छात्रों के समर्थन में बैठीं
जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश के विरोध में कैंपस गेट पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के बीच सोमवार को दिवंगत शायर मुनव्वर राणा की बेटी और सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुमैया राणा भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं। वह पूरे दिन धरने में शामिल रहीं और कहा कि यदि विश्वविद्यालय की एक ईंट भी हटाई गई तो इसे याद रखा जाएगा।
मीडिया से बातचीत में सुमैया राणा ने जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को तोड़ने के आदेश को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षण संस्थान बनाने में आगे नहीं आती, लेकिन उन्हें तोड़ने में सबसे आगे रहती है। उन्होंने कहा कि छात्र विश्वविद्यालय में तोड़फोड़ रोकने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। सरकार को इन्हीं बच्चों के अभिभावकों ने चुना है और अब उन्हीं बच्चों की यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है और युवाओं का जज्बा विश्वविद्यालय को नुकसान नहीं होने देगा।
छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का किया एलान
जौहर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में छात्रों का आंदोलन सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना देकर प्रशासन के फैसले का विरोध किया। धरने में पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां की पत्नी तंजीम फात्मा, सुमैया राणा समेत कई सपा नेता पहुंचे।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि जब तक ध्वस्तीकरण का आदेश वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं है, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। भवनों पर कार्रवाई होने से पढ़ाई, परीक्षाओं और भविष्य की योजनाओं पर असर पड़ सकता है।
छात्रों ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग सरकार और प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं और किसी भी तरह की हिंसा या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन से आदेश पर दोबारा विचार करने और छात्रों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।
वहीं जिला प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू की है और बिना अनुमति भीड़ जुटाने व कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई है। अधिकारियों ने कहा कि शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी छात्रों से संयम बरतने और कानून का पालन करने की अपील की है।
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