मुजफ्फरनगर में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल, मुस्लिम युवक ने दोस्त के साथ उठाई कांवड़

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की अनोखी तस्वीर सामने आई।
- मेरठ के शाकिर ने दोस्त मिंटू के साथ 251 लीटर की कांवड़ यात्रा में हिस्सा लिया।
- दोनों दोस्तों ने ‘इंसानियत सबसे बड़ा धर्म’ का संदेश देते हुए श्रद्धालुओं की सेवा भी की।
मुजफ्फरनगर: कांवड़ यात्रा के दौरान जहां करोड़ों शिवभक्त भगवान भोलेनाथ की भक्ति में डूबे हुए हैं, वहीं मुजफ्फरनगर में हिंदू-मुस्लिम एकता की एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। मेरठ निवासी मुस्लिम युवक शाकिर अपने हिंदू दोस्त मिंटू के साथ 251 लीटर की कांवड़ लेकर हरिद्वार से अपने गंतव्य की ओर जाता दिखाई दिया। दोनों दोस्तों की दोस्ती और आस्था का यह संगम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
दोस्ती निभाने के साथ कांवड़ियों की कर रहे सेवा
शाकिर अपने दोस्त मिंटू के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल होने के साथ-साथ रास्ते में अन्य शिवभक्तों की सेवा भी कर रहे हैं। वह कभी कांवड़ संभालते नजर आते हैं तो कभी जरूरतमंद श्रद्धालुओं की मदद करते दिखाई देते हैं। दोनों दोस्त लगातार दूसरी बार हरिद्वार से कांवड़ लेकर यात्रा कर रहे हैं।
'इंसानियत सबसे बड़ा धर्म' का दे रहे संदेश
मिंटू और शाकिर का कहना है कि उनकी दोस्ती धर्म और जाति से ऊपर है। दोनों का मानना है कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है और इसी संदेश को वह अपनी यात्रा के जरिए लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।
यात्रा के दौरान दोनों दोस्त "जात-पात छोड़ो, इंसानियत को जोड़ो" का संदेश देते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
लोगों ने की पहल की सराहना, बनाए फोटो और वीडियो
मुजफ्फरनगर से गुजरने के दौरान मिंटू और शाकिर की जोड़ी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। कई श्रद्धालुओं ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और वीडियो बनाए। लोगों ने उनकी इस पहल को सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बताया।
कांवड़ मार्ग पर मौजूद लोगों का कहना था कि इस तरह के दृश्य समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का काम करते हैं।
आपसी सम्मान और भाईचारे का संदेश
मिंटू और शाकिर की दोस्ती यह दिखाती है कि अलग-अलग आस्थाओं के बावजूद आपसी सम्मान, सहयोग और इंसानियत समाज को जोड़ने का मजबूत जरिया है। कांवड़ यात्रा के दौरान सामने आई यह तस्वीर सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का उदाहरण बनकर सामने आई है।
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