सोनम वांगचुक को अस्पताल भेजे जाने पर अन्ना हजारे बोले- सरकार को बातचीत करनी चाहिए

HIGHLIGHTS
- सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार से बातचीत कर समाधान निकालने की अपील की।
- राहुल गांधी और कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, राहुल ने कहा कि पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दे देश के भविष्य से जुड़े हैं।
- दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई को हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार बताया, डीसीपी ने कहा कि वांगचुक को स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल पहुंचाया गया और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही।
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। इस कार्रवाई को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार से सोनम वांगचुक के साथ बातचीत करने की अपील की है।
अन्ना हजारे ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि सरकार को सोनम वांगचुक की सीमाओं की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों पर सहमति हो या असहमति, लेकिन बातचीत करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
यह बयान उस समय आया है जब सोनम वांगचुक नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने शनिवार को उन्हें जंतर-मंतर से सरकारी अस्पताल पहुंचाया। यह उनकी भूख हड़ताल का 21वां दिन था।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के मूल सिद्धांत "असत्य और हिंसा" हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि जब सोनम वांगचुक अहिंसक भूख हड़ताल कर रहे थे, उस समय उन्हें जंतर-मंतर से हटाना गलत है।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दे देश के भविष्य से जुड़े गंभीर विषय हैं। राहुल गांधी ने कहा कि किसी भी तरह के बल प्रयोग से छात्रों और उनके समर्थकों को इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोका जा सकता।
दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई पर दी सफाई
नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि सोनम वांगचुक की तबीयत खराब होने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की, जिसके चलते कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बनी। हालांकि पुलिस ने संयम बरतते हुए पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की।
कांग्रेस ने कार्रवाई को बताया लोकतंत्र पर कलंक
कांग्रेस ने भी जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। पार्टी ने कहा कि सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाने की घटना देश के लोकतंत्र और संविधान पर एक "कलंक" है।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसने सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराने की कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए की है।
अन्ना हजारे का आंदोलन रहा है चर्चा में
साल 2011 में लोकपाल कानून की मांग को लेकर दिल्ली में अन्ना हजारे के भूख हड़ताल आंदोलन ने तत्कालीन यूपीए सरकार पर दबाव बनाया था। इस बार उन्होंने सोनम वांगचुक के मामले में सरकार से सीधे संवाद करने की अपील की है। यह मुद्दा युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच अहम माना जा रहा है।
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