सोनम वांगचुक सिर्फ व्यक्ति नहीं, एक विचारधारा हैं: सपा सांसद हरेंद्र मलिक

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर के सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने सोनम वांगचुक की जंतर-मंतर पर चल रही भूख हड़ताल का समर्थन किया।
- मलिक ने कहा कि सोनम वांगचुक सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।
- सांसद ने शांतिपूर्ण आंदोलनों का सम्मान करने और मुद्दों का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की अपील की।
मुजफ्फरनगर: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुजफ्फरनगर से समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद हरेंद्र मलिक ने इस आंदोलन का समर्थन किया है और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। शनिवार शाम मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं।
सांसद मलिक ने कहा कि जब कोई शिक्षित, देशभक्त और देश के भविष्य की चिंता करने वाला व्यक्ति अपनी बात रखने के लिए आंदोलन करता है, तो सरकार को उसकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार करना सही नहीं है।
मलिक ने कहा कि अगर मुजफ्फरनगर जैसे शहरों में भी सोनम वांगचुक के आंदोलन की चर्चा हो रही है, तो यह दर्शाता है कि उनका संदेश लोगों तक पहुंच चुका है। उन्होंने सरकार से अपील की कि जनहित से जुड़े मुद्दों को विवाद का विषय बनाने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए।
सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
सांसद हरेंद्र मलिक ने सरकार की कार्यप्रणाली पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर किसी विभाग का मंत्री अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर पा रहा है, तो सरकार को बदलाव करने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा में भी कई योग्य और विद्वान लोग हैं, जिन्हें जिम्मेदारी दी जा सकती है।
मलिक ने लोकतांत्रिक मूल्यों का हवाला देते हुए कहा कि विरोध की आवाज को दबाने की जगह उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों की गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ बताया और इसे सरकार की तानाशाही मानसिकता बताया।
आपातकाल और अन्ना आंदोलन का दिया उदाहरण
सांसद ने अपने बयान के समर्थन में आपातकाल और जयप्रकाश नारायण आंदोलन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक समय कांग्रेस को भी लगता था कि वह कभी सत्ता से बाहर नहीं होगी, लेकिन जनता ने अपना फैसला बदल दिया। उन्होंने अन्ना हजारे के आंदोलन का भी उदाहरण देते हुए कहा कि उस आंदोलन ने देश की राजनीति की दिशा बदलने में भूमिका निभाई थी।
उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक का संघर्ष भी आने वाले समय में युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। सांसद ने कहा कि सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
मलिक ने कहा कि सोनम वांगचुक अपने लिए किसी आर्थिक लाभ या निजी सुविधा की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि देश और आने वाली पीढ़ियों के हितों से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। ऐसे में सरकार को उनकी बात सुनकर लोकतांत्रिक तरीके से समाधान निकालना चाहिए।
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