एशियन गेम्स 2026: भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता हॉकी गोल्ड, ओलिंपिक टिकट भी पक्का

HIGHLIGHTS
- फाइनल मुकाबले में भारत ने मलेशिया के खिलाफ शुरुआत से दबाव बनाए रखा।
- हरमनप्रीत सिंह ने मुकाबले में दो गोल अपने नाम किए।
- जुगराज सिंह, हार्दिक और शिलानंद लाकड़ा ने एक-एक गोल किया।
नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम ने एक और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल मुकाबले में मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता और अपने खिताब का बचाव किया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने लॉस एंजिलिस ओलिंपिक 2028 के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है।
भारत ने रचा इतिहास
भारत की ओर से हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए, जबकि जुगराज सिंह, हार्दिक और शिलानंद लाकड़ा ने एक-एक गोल दागा। इस जीत के साथ पहली बार पुरुष और महिला दोनों भारतीय हॉकी टीमों ने एक ही एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता है।
इसके अलावा भारतीय पुरुष टीम ने पहली बार लगातार दो एशियाई खेलों 2023 और 2026 में स्वर्ण पदक हासिल किया है। भारत ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
- कुल 85 मेडल
- 21 गोल्ड मेडल
- 27 सिल्वर
- 37 ब्रॉन्ज
पहले क्वार्टर में 1-1 की बराबरी
मुकाबले के 11वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार दबाव बनाया। पहला मौका मनदीप के खराब स्टॉप के कारण हाथ से निकल गया, लेकिन इसके तुरंत बाद भारत ने एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया।
इस बार हरमनप्रीत सिंह ने मौका नहीं गंवाया। उन्होंने जोरदार ड्रैग-फ्लिक लगाकर गोलकीपर मुहम्मद जैमी मैट डेरिस को छकाया और भारत को बढ़त दिलाई।
हालांकि कुछ ही देर बाद मलेशिया ने बराबरी कर ली। 14वें मिनट में शेल्लो सिल्वेरियस ने शानदार हाफ-वॉली के जरिए गोल किया। हवा से आई गेंद को नीचे उतारने के बाद उन्होंने टप्पा खाती गेंद पर शॉट लगाया और मलेशिया के लिए बराबरी का गोल दाग दिया।
दूसरे क्वार्टर में भारत आगे
23वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। शिलानंद लाकड़ा ने तेजी दिखाते हुए मलेशिया के कुछ डिफेंडरों को छकाया और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया।
इसके बाद जुगराज सिंह ने शॉट लगाया और गेंद गोलकीपर मुहम्मद जैमी मैट डेरिस को पार कर गई। यह इस टूर्नामेंट में जुगराज का सातवां गोल था। दूसरे क्वार्टर के अंत तक भारत ने 2-1 की बढ़त बना ली थी।
तीसरे क्वार्टर में हार्दिक ने बढ़ाई बढ़त
तीसरे क्वार्टर में भारत को गोल करने के कई अवसर मिले। पहले पेनल्टी पर जुगराज गोल नहीं कर सके। इसके बाद नीलकांत भी फील्ड गोल करने में सफल नहीं हुए। तीसरे पेनल्टी कॉर्नर को कप्तान हरमनप्रीत सिंह गोल में नहीं बदल पाए।
भारत ने पेनल्टी कॉर्नर पर डिफ्लेक्शन की कोशिश की, जिसके बाद अंपायर ने पेनल्टी स्ट्रोक दिया। मनदीप का डिफ्लेक्शन पोस्ट डिफेंडर के शरीर से टकराया। इसके बाद हार्दिक ने आगे बढ़कर स्ट्रोक को गोल के निचले-दाएं कोने में पहुंचा दिया। गोलकीपर मुहम्मद जैमी मैट डेरिस गलत दिशा में चले गए।
चौथे क्वार्टर में लगातार पेनल्टी कॉर्नर
चौथे क्वार्टर के अंत में भारत को लगातार कई पेनल्टी कॉर्नर मिले। विवेक सागर को गेंद मिली, लेकिन उनके पास से गेंद विपक्षी खिलाड़ी के पैर से टकरा गई। भारत के पास चौथा गोल करने का मौका बना।
इसके बाद अमित रोहिदास ने स्लैप हिट लगाई, जो रशर के पैर से टकराई और भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। दूसरा PC जुगराज ने लिया, लेकिन गेंद फिर पैर से टकरा गई। इसके बाद एक और PC मिला।
राजिंदर ने हिट लगाई और गेंद फिर पैर से टकरा गई। जुगराज की हिट भी पैर से टकराने के बाद भारत को एक और रीटेक मिला।
जुगराज ने दोबारा शॉट लिया और गेंद फिर पैर से टकराई। इसके बाद भारत ने अलग तरह की चाल आजमाई, लेकिन दिलप्रीत रिटर्न पास को ठीक से कंट्रोल नहीं कर पाए। इस बार भारत ने गोल कर दिया।
अभिषेक दाईं ओर से आगे बढ़े। गेंद डिफ्लेक्ट होकर शिलानंद लाकड़ा के पास पहुंची और उन्होंने करीब से कोई गलती नहीं की।
हरमनप्रीत ने किया पांचवां गोल
मैच में करीब साढ़े तीन मिनट बाकी थे, तभी दिलप्रीत ने अपनी ड्रिबलिंग स्किल्स का इस्तेमाल किया। उन्हें धक्का दिया गया और उन्होंने पेनल्टी कॉर्नर की मांग की, लेकिन अंपायर ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद दिलप्रीत ने रिव्यू लिया और रिव्यू में धक्का दिए जाने की पुष्टि हुई।
इस पेनल्टी कॉर्नर पर दो खिलाड़ी मौजूद थे। हार्दिक और मनप्रीत पुश के लिए थे, जबकि हरमनप्रीत हिट के लिए तैयार थे। हरमनप्रीत ने शॉट लगाया और गोल कर दिया। गेंद सीधे गोलकीपर की ओर गई, लेकिन वह प्रतिक्रिया देने में काफी धीमे रहे। इसके साथ ही भारत के खाते में पांचवां गोल आ गया।
हरमनप्रीत ने किए 10 गोल
फाइनल में दो गोल करने वाले हरमनप्रीत सिंह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी नहीं बन सके। पाकिस्तान के सुफयान खान ब्रॉन्ज मेडल मैच में गोल करने के बाद 12 गोल के साथ शीर्ष पर रहे।
हरमनप्रीत ने टूर्नामेंट का अंत 10 गोल के साथ दूसरे स्थान पर किया। भारत के अभिषेक और दिलप्रीत सिंह ने 9-9 गोल किए और दोनों संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे।
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