रामपुर की जनसभा में सीएम सुक्खू का ऐलान, छह महीने में 4 हजार शिक्षक होंगे भर्ती

HIGHLIGHTS
- मुख्यमंत्री ने रामपुर के नोगली में आयोजित जनसभा को संबोधित किया।
- प्रदेश में अब तक 10 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती का दावा किया।
- 150 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले जाने की जानकारी दी।
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को जिला शिमला के रामपुर विधानसभा क्षेत्र के नोगली में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अब तक 10 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है। आने वाले छह महीनों में चार हजार और शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। गुणात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 150 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं, जिनमें करीब दो हजार शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है। इन स्कूलों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को घर के नजदीक बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की बात कही गई।
उन्होंने बताया कि हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध 300 स्कूलों को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है।
अस्पतालों में पुरानी मशीनें चरणबद्ध तरीके से बदली जा रहीं
सुक्खू ने कहा कि 2021 में पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर था, जबकि वर्तमान सरकार के प्रयासों से प्रदेश अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों और अटल मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी संस्थान चमियाना को आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। एम्स की तर्ज पर अत्याधुनिक मशीनें लगाई जा रही हैं और 19 वर्ष पुरानी मशीनों को चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है। चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने 500 चिकित्सकों की नियुक्ति की है।
करुणामूलक आधार पर 70 फीसदी मामलों का समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया गया है और कांग्रेस सरकार के सत्ता में रहने तक इसे बंद नहीं किया जाएगा। आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार नीति तैयार करने पर काम कर रही है, जिसे आने वाले समय में लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि करुणामूलक आधार पर रोजगार के पात्र मामलों में करीब 70 प्रतिशत मामलों का निपटारा किया जा चुका है और पात्र लोगों को रोजगार दिया गया है।
पूर्व भाजपा सरकार से 76 हजार करोड़ का कर्ज मिलने का आरोप
सुक्खू ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार को पूर्व भाजपा सरकार से 76 हजार करोड़ रुपये का कर्ज और कर्मचारियों से जुड़ी करीब 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां विरासत में मिलीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम छह महीनों में पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक की घोषणाएं कीं, लेकिन इनके लिए जरूरी स्टाफ और आधारभूत ढांचा उपलब्ध नहीं कराया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का धन जनता का है और सरकार इसका इस्तेमाल जनकल्याण तथा विकास के लिए करना चाहती है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का वास्तविक मतलब गरीब की आवाज सुनना, उसके दर्द को समझना और उसी के अनुसार योजनाओं को लागू करना है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है और बजट में इसे विशेष स्थान दिया गया है।
किशाऊ परियोजना से हर साल 1500 करोड़ की आय की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना में हिमाचल प्रदेश के हितों के अनुरूप समझौता लागू करवाया गया है। इससे बिजली उत्पादन के लिए तीन से पांच हजार करोड़ रुपये के संभावित खर्च की बचत हुई है।
उन्होंने कहा कि परियोजना के निर्माण के बाद प्रदेश के खजाने में हर साल करीब 1500 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है। उनके मुताबिक उत्तराखंड भी हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर समझौता चाहता था, लेकिन केंद्र सरकार ने ऐसा नहीं होने दिया।
सुक्खू ने कहा कि वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले में भी प्रदेश सरकार को महत्वपूर्ण सफलता मिली है और इससे राज्य के खजाने में 401 करोड़ रुपये आए हैं। रॉयल्टी से जुड़े कानूनी मामले में जीत के बाद कड़छम वांगतू परियोजना से हिमाचल प्रदेश के लिए हर साल करीब 150 करोड़ रुपये की आय सुनिश्चित की गई है।
इसी महीने लागू होगी अपना परिवार, सुखी परिवार योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इसी महीने अपना परिवार, सुखी परिवार योजना लागू करने जा रही है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता और पात्र परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का प्रावधान किया जाएगा।
उन्होंने जनसभा में मौजूद महिला मंडलों को सामान खरीदने के लिए जरूरी धनराशि उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 15 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की। सुख आश्रय योजना के तहत तीन लाभार्थियों को घर बनाने के लिए तीन-तीन लाख रुपये और एक लाभार्थी को एक लाख रुपये की किस्त दी गई। इसी योजना के तहत एक अन्य लाभार्थी को 16 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंदलाल, हिमकोन के अध्यक्ष विकेश चौहान, पूर्व विधायक किशोरी लाल, मिल्कफेड के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर, राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष परस राम, कांग्रेस नेता बृज लाल, मंडल अध्यक्ष लालचंद शर्मा, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.