आजम खां की मुंहबोली बेटी ने कमाल अख्तर को बांधी राखी, सियासी चर्चाएं तेज

HIGHLIGHTS
- गाजियाबाद से मुरादाबाद पहुंचीं एकता कौशिक
- रक्षाबंधन पर कमाल अख्तर की कलाई पर बांधी राखी
- आजम खां और कमाल अख्तर की राजनीतिक दूरी की चर्चा
रामपुर। समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां की मुंहबोली बेटी एकता कौशिक गाजियाबाद से मुरादाबाद पहुंचीं और रक्षाबंधन के मौके पर सपा के कांठ विधायक कमाल अख्तर की कलाई पर राखी बांधी।
रक्षाबंधन के दिन भाई-बहन के बीच स्नेह का यह रिश्ता सामान्य नजर आ सकता है, लेकिन इस नजदीकी ने आजम खां के खेमे में सियासी चर्चाओं को तेज कर दिया है। बाहर से भले ही सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा हो, लेकिन आजम खां और कमाल अख्तर के बीच राजनीतिक दूरी की चर्चा पहले से रही है। ऐसे में एकता की कमाल अख्तर से बढ़ती नजदीकी को लेकर अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
एकता कौशिक को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां की मुंहबोली बेटी और करीबी माना जाता है। वह वर्ष 2023 में उस समय चर्चा में आई थीं, जब आयकर विभाग ने आजम खां और उनके करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में गाजियाबाद के राजनगर स्थित एकता कौशिक का आवास भी शामिल था।
मुरादाबाद से सपा टिकट पर चुनाव लड़ने की चर्चा
एकता कौशिक आजम खां के छोटे बेटे अदीब खान की दोस्त हैं। वह आजम खां से जुड़े आयकर मामलों की निगरानी भी कर रही हैं। कई अवसरों पर आजम खां सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन कर चुके हैं।
हालांकि कुछ दिन पहले आजम खां के करीबी और सपा के नगर अध्यक्ष आसिम राजा ने प्रेस वार्ता में यह कहते हुए कि आजम खां की कोई बेटी नहीं है, यह संकेत देने की कोशिश की थी कि आजम और एकता के रिश्तों में दूरी बढ़ रही है। इसके बाद आगामी विधानसभा चुनाव में एकता कौशिक के मुरादाबाद से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की चर्चाएं भी सामने आने लगीं।
ऐसे में रक्षाबंधन पर एकता द्वारा कांठ विधायक कमाल अख्तर को राखी बांधे जाने को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। कमाल अख्तर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं, जबकि आजम खां के साथ उनकी दूरी की चर्चा रही है।
इसी वजह से राखी बांधने की इस घटना के बाद एकता के आजम खां के गुट से दूरी बनाकर कमाल अख्तर के खेमे के करीब आने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, एकता कौशिक ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि रक्षाबंधन अटूट विश्वास और स्नेह का पर्व है, इसी कारण वह राखी बांधने मुरादाबाद पहुंचीं। उन्होंने कहा कि आजम खां से उनके रिश्ते पिता-पुत्री के थे, हैं और आगे भी रहेंगे। लोगों की बातों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
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