बच्चों की सोशल मीडिया लत पर मेटा को बड़ा झटका, 17 अरब डॉलर के समझौते पर सहमति

HIGHLIGHTS
- मामला कैलिफोर्निया के ऑकलैंड की फेडरल कोर्ट से जुड़ा है।
- 47 राज्यों के दावों को निपटाने के लिए समझौता हुआ है।
- वर्जीनिया को 353 मिलियन डॉलर मिलने की बात कही गई है।
कैलिफोर्निया। ऑकलैंड में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सोशल मीडिया की लत से जुड़े ऐतिहासिक मुकदमे को खत्म करने के लिए फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने 17 अरब डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही कंपनी को बच्चों की सुरक्षा के लिए अपने प्लेटफॉर्म पर कड़े सेफ्टी फीचर्स भी लागू करने होंगे। इसे अमेरिकी इतिहास में उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़ा अब तक का सबसे बड़ा समझौता बताया गया है। 47 राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने बुधवार को इसकी घोषणा की, जिससे सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही को लेकर नया दौर शुरू होने की बात कही जा रही है।
क्या है ऐतिहासिक समझौता और मेटा को कितनी कीमत चुकानी होगी?
समझौते के तहत मेटा 47 राज्यों के दावों को निपटाने के लिए 17 अरब डॉलर का भुगतान करेगी। इसमें अकेले वर्जीनिया को 353 मिलियन डॉलर मिलेंगे, जो उसके इतिहास का सबसे बड़ा समझौता है। हालांकि यह रकम मेटा के 2025 के 201 अरब डॉलर के कुल राजस्व की तुलना में एक छोटा हिस्सा है, लेकिन समझौते के तहत बच्चों की सुरक्षा के लिए कंपनी पर कानूनी बाध्यताएं लागू होंगी।
सोशल मीडिया की लत को लेकर मेटा पर क्या आरोप थे?
2023 में कैलिफोर्निया समेत 29 राज्यों ने मेटा के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। आरोप लगाया गया था कि फेसबुक और इंस्टाग्राम पर जानबूझकर ऐसे एडिक्टिव फीचर्स तैयार किए गए, जिनसे बच्चे सोशल मीडिया के आदी हुए और उनकी मानसिक सेहत पर गंभीर असर पड़ा। इसके अलावा मेटा पर अभिभावकों की सहमति के बिना 13 साल से कम उम्र के बच्चों का डेटा एकत्र करने का भी आरोप लगाया गया था।
समझौते के बाद बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या नए नियम होंगे?
प्रस्तावित समझौते के तहत मेटा को इंस्टाग्राम और फेसबुक पर कई सख्त सेफ्टी फीचर्स लागू करने होंगे:
- हार्ड कैप स्क्रीन टाइम: बच्चों के दैनिक स्क्रीन टाइम पर सख्त सीमा तय की जाएगी और अनिवार्य ब्रेक दिए जाएंगे।
- स्कूल के दौरान नो-नोटिफिकेशन: पढ़ाई के समय बच्चों को कोई पुश नोटिफिकेशन नहीं भेजा जाएगा।
- उम्र जांच और कंटेंट कंट्रोल: बच्चों की उम्र की पुष्टि के लिए कड़े उपाय किए जाएंगे और खुद को नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट पर सख्त नियंत्रण रखा जाएगा।
- तुलना की होड़ कम होगी: आपसी तुलना को कम करने के लिए प्लेटफॉर्म पर ‘लाइक’ काउंट्स को सीमित किया जाएगा।
क्या मार्क जुकरबर्ग की गवाही होने वाली थी?
हां। ऑकलैंड की फेडरल कोर्ट में पिछले सप्ताह सुनवाई शुरू हुई थी और सीईओ मार्क जुकरबर्ग को गवाही देनी थी। हालांकि समझौता होने के बाद ट्रायल बीच में ही समाप्त हो गया। सुनवाई के दौरान इंस्टाग्राम प्रमुख एडम मोसेरी ने गवाही देकर मेटा की बाल सुरक्षा नीतियों का बचाव किया था।
अंदरूनी खुलासे और विशेषज्ञ इन सुरक्षा उपायों से कितने संतुष्ट हैं?
मामले की शुरुआत 2021 में ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के बाद हुई थी। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि मेटा को पहले से पता था कि इंस्टाग्राम किशोरियों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है। मेटा ने बाद में टीन अकाउंट्स जैसे फीचर्स पेश किए, लेकिन विशेषज्ञों ने इन्हें केवल ‘दिखावा’ बताया है। पूर्व इंजीनियरिंग डायरेक्टर आर्टुरो बेजर ने कोर्ट में गवाही देते हुए कहा था कि कंपनी सुरक्षा की तुलना में अपने मुनाफे को प्राथमिकता देती है।
आगे क्या होगा और जुर्माने के अन्य विकल्प क्या थे?
इस मुकदमे में आधिकारिक तौर पर किसी निश्चित जुर्माने की राशि की मांग नहीं की गई थी। हालांकि मेटा ने अदालत में कहा था कि नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना 1.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता था। कानूनी विशेषज्ञों ने इस राशि को असंभव बताया था। अब 17 अरब डॉलर के समझौते और नए सेफ्टी फीचर्स के लागू होने के साथ बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में एक कानूनी मिसाल कायम होने की बात कही जा रही है।
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