बदरीनाथ चढ़ावा विवाद: कांग्रेस के आरोपों पर हेमंत द्विवेदी का पलटवार, बोले- तथ्यों के साथ दें जवाब

HIGHLIGHTS
- बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल के आरोपों का जवाब दिया।
- द्विवेदी ने कहा- मंदिर से जुड़े मामलों पर आस्था के केंद्र में जवाब दें, वहीं गोदियाल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में केवल मंदिर विकास के लिए धन दिया गया।
- प्रमोद नौटियाल की नियुक्ति और मंदिरों को दी गई धनराशि को लेकर विवाद, दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे पेश किए।
देहरादून। बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आरोपों पर बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जवाब देते हुए कहा कि मंदिरों से जुड़े मामलों पर राजनीतिक मंचों के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।
हेमंत द्विवेदी ने कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं। ऐसे पवित्र स्थलों से जुड़े आरोपों पर जवाब देने के लिए गणेश गोदियाल को बाबा बदरी विशाल और केदारनाथ धाम के सामने अपनी बात रखनी चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष के उस आरोप को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गणना ड्यूटी में बीकेटीसी अध्यक्ष के स्तर से नियुक्त किया गया था। द्विवेदी ने कहा कि नौटियाल अप्रैल 2025 से इस जिम्मेदारी पर तैनात थे, जबकि उस समय बीकेटीसी अध्यक्ष पद पर वह स्वयं नहीं थे।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि मंदिर समिति अधिनियम के अनुसार मंदिर कोष की राशि का इस्तेमाल अन्य विकास कार्यों में नहीं किया जा सकता। उन्होंने गोदियाल के कार्यकाल में बिनसर मंदिर और पोखरी स्थित शिव मंदिर के लिए धनराशि जारी करने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि ये मंदिर बीकेटीसी के अधीन नहीं हैं।
द्विवेदी ने आरोप लगाया कि गोदियाल के कार्यकाल में बोर्ड बैठकों में नियमों की अनदेखी कर फैसले लिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि बीकेटीसी में वैयक्तिक सहायक का पद लंबे समय से मौजूद है, लेकिन प्रमोद नौटियाल को नियमों के विपरीत पदोन्नति दिए जाने का मामला भी जांच का विषय है।
गोदियाल बोले- मंदिरों के लिए पैसा दिया, चढ़ावा चोरी नहीं किया
वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बीकेटीसी अध्यक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए उनके खिलाफ आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में मंदिरों के निर्माण और जीर्णोद्धार के लिए धनराशि दी गई थी, लेकिन चढ़ावे की चोरी जैसा कोई मामला नहीं हुआ।
गोदियाल ने बीकेटीसी अध्यक्ष की बहस की चुनौती पर कहा कि चुनौती देने वाला ही तय समय और स्थान पर मौजूद नहीं रहा। उन्होंने दावा किया कि इससे भाजपा की स्थिति पर सवाल खड़े होते हैं।
प्रेस वार्ता में गोदियाल ने कहा कि प्रमोद नौटियाल की नियुक्ति वर्ष 2003 में हुई थी। इसके बाद 2010 में कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए भेजे गए प्रस्ताव में उनका नाम शामिल था और 2014 में शासन की मंजूरी के बाद उन्हें नियमित किया गया।
उन्होंने बताया कि बिनसर मंदिर और पोखरी के शिव मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए बोर्ड की मंजूरी के बाद राशि जारी की गई थी। उनके अनुसार, 2017 में भाजपा सरकार आने के बाद बिनसर मंदिर निर्माण कार्य रोक दिया गया, हालांकि बाद में इसे दोबारा मंजूरी मिली।
गोदियाल ने सवाल उठाया कि यदि उनके कार्यकाल में कोई अनियमितता हुई थी तो सरकार ने पिछले कई वर्षों में इसकी जांच क्यों नहीं कराई। उन्होंने यह भी कहा कि बीकेटीसी अध्यक्ष से जुड़े किसी कर्मचारी को दान राशि की गणना ड्यूटी में तैनात नहीं किया जाना चाहिए।
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