जंतर-मंतर से लौटे भरत तिवारी के भाई, न्यायिक आयोग के सामने फिर दर्ज कराएंगे बयान

HIGHLIGHTS
- भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच आयोग के सामने अब तक सात गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
- न्याय की मांग को लेकर दिल्ली गए मृतक के भाई चंदन तिवारी को आयोग के समन के बाद वापस लौटना पड़ा।
- आयोग मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहा है, जबकि करीब 25 गवाह बयान देने के लिए तैयार बताए जा रहे हैं।
भोजपुर। शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली पहुंचे मृतक के छोटे भाई चंदन तिवारी को न्यायिक जांच आयोग के समन के बाद वापस लौटना पड़ा। चंदन तिवारी जंतर-मंतर पर पहुंचकर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग उठा रहे थे।
न्यायिक जांच आयोग की ओर से जारी समन में उन्हें निर्धारित तारीख पर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए थे। आयोग ने स्पष्ट किया था कि तय समय पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए सिविल प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया था।
चंदन तिवारी ने बताया कि बुधवार को भी मामले से जुड़े अन्य गवाह आयोग के सामने पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराएंगे।
सात गवाहों के बयान हो चुके दर्ज
एनकाउंटर मामले की जांच कर रहा न्यायिक जांच आयोग अब तक सात गवाहों के बयान दर्ज कर चुका है। इससे पहले 11 जुलाई को मृतक की मां आशा देवी और पिता काशीनाथ तिवारी ने आयोग के समक्ष अपनी बात रखी थी।
इसके बाद सोमवार को भरत भूषण तिवारी की भाभी सुमन देवी समेत तीन अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मंगलवार की कार्यवाही के बाद गवाहों की संख्या सात पहुंच गई है।
चंदन तिवारी के अनुसार, करीब 25 लोग इस मामले में गवाही देने के लिए तैयार हैं। आयोग मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करते हुए गवाहों के बयान क्रमवार दर्ज कर रहा है।
आयोग कार्यालय में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
गवाही की प्रक्रिया को देखते हुए डीपीआरसी भवन स्थित न्यायिक जांच आयोग कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था लगातार सख्त रखी गई है। मंगलवार को भी कार्यालय के बाहर सुरक्षा बल तैनात रहे और बिना अनुमति किसी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया गया।
आयोग कार्यालय में पहुंचने वाले लोगों की मेटल डिटेक्टर और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। इसके बाद आगंतुक रजिस्टर में विवरण दर्ज कराने पर ही प्रवेश की अनुमति दी गई।
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