'मैं 4 महीने से रूस में हूं, फिर FIR में नाम कैसे?' NEET प्रदर्शन मामले में युवक का दावा
By Hitesh — July 29, 2026

HIGHLIGHTS
- किशनगंज युवक ने रूस में होने के बावजूद NEET प्रदर्शन केस में नाम दर्ज होने का दावा किया।
- युवक ने एफआईआर से नाम हटाने और जांच की मांग की।
- बिहार सरकार ने प्रदर्शन से जुड़े मामले वापस लेने का फैसला किया है।
Author: — Dainik Dehat
बिहार में NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों के बीच किशनगंज जिले के एक युवक के दावे से नया विवाद खड़ा हो गया है। युवक ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन से संबंधित एफआईआर में उसका नाम दर्ज किया गया है, जबकि वह पिछले चार महीने से रूस में रह रहा है। युवक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और एफआईआर से नाम हटाने की मांग की है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
रूस में रहने का दावा, फिर भी एफआईआर में नाम दर्ज होने का आरोप
किशनगंज निवासी मोहम्मद सदाकत ने दावा किया है कि NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में पुलिस ने उनका नाम एफआईआर में शामिल किया है, जबकि वह पिछले चार महीने से रूस में रह रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सदाकत ने कहा है कि 25 जुलाई को बहादुरगंज में हुए प्रदर्शन के समय वह भारत में मौजूद नहीं थे। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
निष्पक्ष जांच और एफआईआर से नाम हटाने की मांग
सदाकत ने वीडियो में सवाल उठाया कि जब वह देश में मौजूद ही नहीं थे, तो उनके खिलाफ मामला कैसे दर्ज किया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और एफआईआर से अपना नाम हटाने की मांग की है।
एसपी ने क्या कहा?
मामले को लेकर किशनगंज के पुलिस अधीक्षक हरि मोहन शुक्ला से संपर्क किया गया। उन्होंने युवक के दावे की पुष्टि या खंडन नहीं किया।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन से जुड़े मामलों में यदि किसी व्यक्ति को कोई शिकायत है तो वह पुलिस के सामने अपनी बात रख सकता है। शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने मामलों को वापस लेने का किया है फैसला
बिहार सरकार ने सोमवार को घोषणा की थी कि NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान दर्ज किए गए सभी मामलों को वापस लिया जाएगा और गिरफ्तार लोगों को रिहा किया जाएगा।
गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 26 जुलाई सुबह 6 बजे से पहले हुई घटनाओं से संबंधित एफआईआर, शिकायतें और कारण बताओ नोटिस वापस लिए जा रहे हैं। साथ ही इन मामलों में गिरफ्तार लोगों को तत्काल रिहा करने का निर्णय लिया गया है।
694 लोगों को हिरासत में लिया गया था
NEET पेपर लीक के विरोध में आयोजित बिहार बंद के दौरान पुलिस ने राज्यभर में कार्रवाई करते हुए 694 लोगों को हिरासत में लिया था। इनमें करीब आधे लोगों के नाबालिग होने की बात सामने आई थी।
इन लोगों पर बंद के दौरान प्रदर्शन करने और सड़क जाम करने के आरोप लगाए गए थे। अब सरकार के मामलों को वापस लेने के फैसले के बीच रूस में होने का दावा करने वाले युवक का मामला सामने आने के बाद इस पूरे प्रकरण को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
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