भोपाल में किसानों का प्रदर्शन हुआ उग्र, CM हाउस कूच के दौरान बसों की छतों पर चढ़कर की नारेबाजी

HIGHLIGHTS
- मूंग की 100% खरीद और MSP गारंटी की मांग को लेकर किसानों का भोपाल में प्रदर्शन जारी।
- किसानों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।
- सरकार ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने का भरोसा दिया।
भोपाल: मध्य प्रदेश में मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी, MSP की कानूनी गारंटी, पर्याप्त खाद उपलब्धता, अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील रद्द करने और किसानों को दी गई मोदी की गारंटी पूरी करने जैसी पांच प्रमुख मांगों को लेकर किसानों ने 'किसान क्रांति पदयात्रा' शुरू की है। किसान मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर रहे हैं।
बुधवार को किसानों का प्रदर्शन तेज हो गया। सुबह 11 बजे के बाद किसानों की संख्या बढ़ने लगी और अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में किसान भोपाल पहुंचने लगे। इस दौरान कई किसान बसों की छतों पर चढ़कर नारेबाजी करते दिखाई दिए। कुछ किसानों ने पुलिस बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की। हालांकि किसान नेता लगातार शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।
किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भोपाल पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। मंगलवार को किसानों को होशंगाबाद रोड स्थित वीर सावरकर सेतु पर रोक दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने पूरी रात वहीं डेरा डाले रखा। बुधवार सुबह धरना स्थल पर किसानों की संख्या लगातार बढ़ती गई।
किसान आंदोलन का असर स्कूलों पर भी पड़ा है। नर्मदापुरम रोड सहित प्रभावित क्षेत्रों के कई स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को देखते हुए छुट्टी घोषित कर दी गई।
आज इन जिलों से पहुंचे किसान
बुधवार को नर्मदापुरम, हरदा, रायसेन और सीहोर सहित कई जिलों से किसान भोपाल पहुंचे। किसान संगठनों ने आगे की रणनीति पर चर्चा की और मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया।
'हर हाल में सीएम हाउस पहुंचेंगे'
किसान नेता गजेंद्र सिंह जाट ने कहा कि यदि सरकार किसानों को रोकने की कोशिश करेगी तो किसान मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने के लिए नए रास्ते तलाशेंगे। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे और मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
किसान आंदोलन में जेन-जी की भागीदारी
भोपाल में चल रहे किसान आंदोलन में जेन-जी वर्ग के युवाओं ने भी भागीदारी की है। युवा पोस्टर और तख्तियों के जरिए अपनी बात रख रहे हैं और आंदोलन में शामिल होकर समर्थन दे रहे हैं।
'मध्य प्रदेश कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है'
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि किसानों की आवाज को राजनीति कहना आसान है, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ ठीक है तो हजारों किसान परिवार सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर भोपाल क्यों पहुंचे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है और उनकी मांगों का समर्थन करती है।
कृषि मंत्री कंसाना ने शिवराज सिंह चौहान को लिखा पत्र
मंगलवार को किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना से मुलाकात की थी। किसानों ने अपनी समस्याएं और मांगें उनके सामने रखीं। कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की जायज मांगों को लेकर गंभीर है और मूंग खरीदी सहित सभी मुद्दों का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा।
उन्होंने किसानों से शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। किसानों से चर्चा के बाद ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश के लिए मूंग खरीदी का कोटा बढ़ाने का आग्रह किया।
संवाद से समाधान निकालने का प्रयास होगा- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों के हित में पूरे मध्य प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एक समिति बनाई गई है, जो किसानों से संवाद करेगी।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्री से प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, मंत्री विश्वास सारंग और कृष्णा गौर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को परेशानी न हो, इसका ध्यान दोनों पक्षों को रखना चाहिए और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
किसान हुए उग्र, बसों पर चढ़कर की नारेबाजी
दोपहर एक बजे के बाद किसानों का प्रदर्शन और तेज हो गया। कई युवा किसान बसों की छतों पर चढ़ गए और वहां से नारेबाजी करने लगे। इस दौरान पुलिस प्रशासन किसानों को रोकने में मुश्किलों का सामना करता दिखा।
किसानों ने पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को हटाने की कोशिश की। वहीं किसान नेता लगातार प्रदर्शनकारियों से शांत रहने की अपील करते रहे, लेकिन कई युवा किसान बसों पर चढ़कर प्रदर्शन करते रहे।
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