कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: नीरज चोपड़ा ने फाइनल में बनाई जगह, 79.61 मीटर थ्रो के साथ रहे पांचवें स्थान पर

HIGHLIGHTS
- नीरज चोपड़ा ने ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के जैवलिन थ्रो फाइनल में जगह बनाई।
- 61 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ नीरज क्वालिफिकेशन में पांचवें स्थान पर रहे।
- भारत के रोहित यादव और यशवीर सिंह भी फाइनल के लिए क्वालिफाई कर गए।
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने क्वालिफिकेशन राउंड में पांचवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बना ली है। क्वालिफिकेशन राउंड में 18 खिलाड़ियों को तीन-तीन प्रयास मिलने थे, लेकिन नीरज ने सिर्फ दो ही अटैम्प्ट किए।
नीरज का सर्वश्रेष्ठ थ्रो 79.61 मीटर रहा, जिसके दम पर वह पांचवें स्थान पर रहे। हालांकि, फाइनल के लिए शीर्ष-12 खिलाड़ियों को चुना गया। खास बात यह रही कि कोई भी खिलाड़ी 84 मीटर के क्वालिफिकेशन मार्क को पार नहीं कर सका।
नीरज के अलावा भारत के रोहित यादव और यशवीर सिंह ने भी फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है। फाइनल मुकाबला 31 जुलाई को शुरू होगा, जो भारत में 1 अगस्त को देर रात करीब 12:45 बजे खेला जाएगा।
शुरुआती चार स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी
क्वालिफिकेशन राउंड में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे पहले स्थान पर रहे। उन्होंने अपने पहले प्रयास में 82.24 मीटर का थ्रो किया और इसके बाद बाकी दोनों प्रयास नहीं किए।
ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने तीनों प्रयास किए। उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 81.29 मीटर रहा, जिसके साथ वह दूसरे स्थान पर रहे।
दक्षिण अफ्रीका के डू स्मिट ने पहले प्रयास में 80.64 मीटर का थ्रो किया। उनके बाकी दोनों प्रयास फाउल रहे, फिर भी वह तीसरे स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंच गए।
इंग्लैंड के बेन ईस्ट ने चौथा स्थान हासिल किया। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास 80.38 मीटर रहा, जो उन्हें फाइनल तक पहुंचाने के लिए काफी रहा।
नीरज चोपड़ा का प्रदर्शन
नीरज चोपड़ा का पहला प्रयास 76.28 मीटर का रहा। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने 79.61 मीटर का थ्रो किया और पांचवें स्थान पर पहुंच गए।
अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास के बाद नीरज ने तीसरा अटैम्प्ट नहीं लिया और फाइनल में जगह पक्की कर ली।
रोहित यादव और यशवीर सिंह का प्रदर्शन
भारत के रोहित यादव ने पहले प्रयास में 77.04 मीटर और दूसरे प्रयास में 78.37 मीटर का थ्रो किया। उन्होंने तीसरा प्रयास नहीं लिया और नौवें स्थान पर रहे।
वहीं, यशवीर सिंह का पहला प्रयास 73.89 मीटर और दूसरा प्रयास 74.45 मीटर रहा। तीसरे प्रयास में उन्होंने 78.36 मीटर का थ्रो किया और 10वें स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई।
अरशद नदीम का प्रदर्शन
पाकिस्तान के अरशद नदीम के लिए यह सीजन खास नहीं रहा है। उन्होंने क्वालिफिकेशन में तीनों प्रयास किए।
उनका पहला प्रयास 78.63 मीटर का रहा, जो उनका सीजन बेस्ट प्रदर्शन था। दूसरे प्रयास में उन्होंने फाउल किया और तीसरे प्रयास में 75.65 मीटर का थ्रो किया।
अरशद नदीम सातवें स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचे, लेकिन वह नीरज चोपड़ा से पीछे रहे।
नीरज चोपड़ा का कॉमनवेल्थ गेम्स सफर
नीरज चोपड़ा के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स हमेशा खास रहे हैं। 2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने 86.47 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता था। वह पुरुष भाला फेंक में कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बने थे।
इसके बाद नीरज ने एशियाई खेलों में राष्ट्रीय रिकॉर्ड 88.06 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा उन्होंने टोक्यो ओलंपिक स्वर्ण, विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण और पेरिस ओलंपिक रजत पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स में अपनी अलग पहचान बनाई।
2018 के बाद यह नीरज का पहला कॉमनवेल्थ गेम्स है। चोट के कारण वह 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए थे।
चोट के बाद बदला नीरज का नजरिया
पिछला एक साल नीरज चोपड़ा के लिए आसान नहीं रहा। पीठ की परेशानी के कारण उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ और 2025 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप भी उनके लिए निराशाजनक रही।
इसके बाद उन्होंने अपने खेल की बुनियाद पर दोबारा काम किया। उन्होंने रन-अप, थ्रो एंगल और तकनीक को बेहतर करने पर ध्यान दिया।
नीरज के नजरिए में भी बदलाव आया। अब वह चोट के डर के साथ नहीं बल्कि पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरते हैं।
बीबीसी के पॉडकास्ट 'मोर दैन द स्कोर' में नीरज ने बताया था कि दोहा डायमंड लीग में खेलने का फैसला उन्होंने सिर्फ सात दिन पहले लिया था। उनका लक्ष्य ग्लास्गो के लिए क्वालिफाई करना था। उन्होंने यह भी कहा कि अब वह हर अभ्यास सत्र में शरीर पर जरूरत के मुताबिक ही दबाव डालते हैं।
नीरज के पास फिर साबित करने का मौका
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स नीरज चोपड़ा के लिए खुद को साबित करने का एक बड़ा मौका है। चोट, आलोचना और मुश्किल दौर से सीख लेने के बाद वह एक बार फिर अपनी सर्वश्रेष्ठ लय हासिल करने की कोशिश में हैं।
अगर फाइनल में उनका प्रदर्शन शानदार रहता है तो यह उनके लिए एक और बड़ी उपलब्धि होगी।
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